आज देश के पूर्व राष्ट्रपति Pranab Mukherjee का 86वां जन्मदिन है। प्रणब मुखर्जी हमारे देश के 13वें राष्ट्रपति(President) थे। उनका जन्म 11 दिसम्बर 1935 में पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुआ था। प्रणब मुखर्जी के पिता भी कांग्रेस के नेता थे और स्वतंत्रता के समय अहम भूमिका निभाई थी। प्रणब मुखर्जी ने करियर की शुरुआत में Desher Dak के लिए एक पत्रकार के रूप में काम किया था। वह Vidyanagar College में राजनीति विज्ञान (Political Science) के Assistant प्रोफेसर भी थे।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पिछले साल COVID-19 के समय 10 अगस्त को अपना अंतिम ट्वीट पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अपने COVID positive होने की घोषणा की थी। प्रणब मुखर्जी ने 84 वर्ष की आयु में 31 अगस्त 2020 को दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।
Pranab Mukherjee का राजनीतिक सफर
Pranab Mukherjee का राजनीतिक सफर 1967 में बंगाल से ही शुरू हुआ, जब उन्होनें बांग्ला कांग्रेस पार्टी बनाई। इसके बाद वो 1969 में संसद के सदस्य भी बन गए। प्रणब मुखर्जी पांच बार राज्यसभा के और दो बार लोकसभा के सदस्य भी चुने गए थे। उन्होंने US-INDIA Civil Nuclear Agreement जैसे राजनीतिक मुद्दों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। प्रणब मुखर्जी वित्त मंत्री (Finance Minister), रक्षा मंत्री (Defence Minister) और विदेश मंत्री (Foreign Minister) जैसे कई अहम पदों पर कार्य किया। उन्होंने जनवरी 1982 से दिसंबर 1984 तक और 2009 से 2012 तक वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया। देश के 13 वें राष्ट्रपति बनने के लिए 2012 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने राष्ट्रपति का पद 2012 से 2017 तक संभाले रखा।

2018 में, प्रणब मुखर्जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक कार्यक्रम में भाग लेने वाले पहले पूर्व राष्ट्रपति थे। प्रणब मुखर्जी को देश में उनके योगदान के लिए 2019 में भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।


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