Health News:देश में महिलाओं में होने वाले यौन रोग में लिकोरिया आम है। इसे आम बोलचाल की भाषा में सफेद पानी, श्वेत प्रदर या व्हाइट डिस्चार्ज के नाम से भी जाना जाता है। यह महिलाओं में होने वाली एक आम समस्या है जो पीरियड्स से पहले या बाद में सामान्य तौर पर एक से दो दिन के लिए होता है।लेकिन इस समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए। दरअसल लिकोरिया पीड़ित महिला की योनि से सफेद, पीला, हल्का नीला या लाल रंग का चिपचिपा और बदबूदार पदार्थ का स्राव होता है। ज्यादातर मामलों में यह स्राव सफेद रंग का होता है।
हर महिला में इस स्राव की मात्रा और समयावधि अलग-अलग हो सकती है। महिला रोग विशेषज्ञों का कहना है कि लिकोरिया के कारण महिला में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। आमतौर पर यह समस्या विवाहित महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है, लेकिन यह किसी भी उम्र की लड़की या महिला को हो सकता है।

Health News: यहां जानिये लिकोरिया की मुख्य वजह
लिकोरिया का कारण शरीर में पोषण की कमी और योनि के अंदर बैक्टीरिया मौजूद होना है। अत्यधिक मानसिक तनाव, भारी काम या व्यायाम आदि भी इसका कारण बन सकते हैं।आइये जानते हैं इसके कुछ अन्य कारण।
- महिलाओं द्वारा योनि की स्वच्छता पर ध्यान नहीं रखना
- शरीर में खून की कमी होना
- अत्यधिक हस्तमैथुन करना
- गलत तरह से शारीरिक संबंध बनाना
- अत्यधिक उपवास करना
- अधिक मेहनत करना
- तीखे, तेलीय और मसालेदार पदार्थों का अधिक सेवन करना
- किसी बीमारी से पीड़ित पुरुष के साथ संबंध बनाना
- मन में हमेशा कामुक विचार होना
- योनि में बैक्टीरिया होना
- बार-बार गर्भपात होना या कराना
- गर्भवती होना
- यूरिनरी इंफेक्शन होना
- रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना
- मधुमेह के कारण योनि में फंगल यीस्ट इंफेक्शन होना
- विटामिन सी की कमी होना
- विटामिन डी की कमी होना
- एस्ट्रोजन डेफिशियेंसी यानी एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल कम होना
Health News: लिकोरिया के लक्षण
- कमजोरी का महसूस करना
- बार-बार चक्कर आना
- योनि में खुजली होना
- शरीर में भारीपन महसूस होना
- बार-बार पेशाब का लगना
- चिड़चिड़ापन होना
- हाथ, पैर, कमर और पेट में दर्द होना
- साफ शौच नहीं होना
Health News: लिकोरिया का उपचार
अगर आप भी लिकोरिया से पीड़ित हैं तो एक अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श कर इसकी जांच और इलाज करवाएं। अपनी जीवनशैली में कुछ सकारात्मक बदलाव लाकर इससे छुटकारा पा सकती हैं। इन उपायों को भी कर सकती हैं।
- शरीर के निचले हिस्से की सफाई पर ध्यान दें
- पीरियड्स के दौरान सैनिटरी नैपकिन को ज्यादा देर तक न पहनें
- सिंथेटिक पैंटी बजाय सूती या लीलन पैंटी पहनें
- जननांग क्षेत्र को ज्यादा न धोएं, इससे पीएच असंतुलन हो सकता है
- स्टूल पास करने या पेशाब के बाद आगे से पीछे की तरफ अच्छी तरह पानी से धोएं
Health News: इन बातों पर भी दें ध्यान
- रोजाना की दिनचर्या ठीक रखें
- संतुलित आहार का सेवन करें
- प्रतिदिन कम से कम 10-12 गिलास पानी अवश्य पियें
- हल्का-फुल्का व्यायाम करें
- सुबह या शाम में मेडिटेशन करें
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