Adipurush:शुक्रवार 16 जून को सिनेमा घरों में फिल्म ‘आदिपुरुष’(Adipurush)रिलीज हुई। अभिनेता प्रभास और अभिनेत्री कृति सेनन की यह फिल्म रिलीज होते ही विवादों में घिर गई। फिल्म के डॉयलॉग्स को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर माहौल काफी गरमाया हुआ है। कई लोग इसे हिन्दू धर्म का अपमान बता रहे हैं। कांग्रेस ने इसे भगवान राम, माता सीता और भगवान हनुमान का अपमान बता दिया है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफी मांगी चाहिए। कई लोगों के अलावा कांग्रेस का भी कहना है कि जब आप इस फिल्म के डॉयलॉग्स को सुनेंगे तो आपको शर्म आएगी।
वहीं, अब इस विवाद पर फिल्म आदिपुरुष में डायलॉग्स लिखने वाले राइटर मनोज मुंतशिर(Manoj Muntashir) ने अपनी बात कही है। उन्होंने कहा,”हमारा उद्देश्य सनातन के सच्चे नायकों को हमारी युवा पीढ़ी के सामने प्रस्तुत करना था। अगर कुछ हिस्से लोगों को पसंद नहीं आ रहे हैं तो उन्हें ठीक करना हमारी जिम्मेदारी है।”

Adipurush:हमने अपने तरीके से कहनी चाही अपनी बात- मनोज मुंतशिर
न्यूज एजेंसी से बातचीत करते हुए मनोज मुंतशिर ने फिल्म आदिपुरुष को लेकर अपनी बात कही है। सवाल पूछा गया कि आप राम का काम करने निकले थे लेकिन इस बीच विवाद कैसे हो गया? इस सवाल पर मनोज मुंतशिर ने कहा,”राम का काम करने निकले थे और राम का काम करने निकले हैं। और राम का काम करते रहेंगे। रामकथा से जो पहला पाठ सीखते हैं वो है सभी के मतों का सम्मान।”
फिल्म आदिपुरुष को लेकर उन्होंने कहा,”हमने यह कहानी अपनी तरीके से सुनाई क्योंकि हमें अपने ही तरीके से सुनाई जानी चाहिए थी। जब महर्षि बाल्मीकि इस कथा को साढ़े सात हजार साल पहले लिखते हैं तो उनका अपना तरीका है। उसके बाद बाबा तुलसीदास के हाथों में लेखनी आई तो बाबा तुलसीदास ने उस कथा(रामायण) को अपने तरीकों से लिखा। फिर हमने देखा आदरणीय रामानंद सागर की रामायण। बहुत भव्य और अद्भूत रामायण। वह हमें देखने को मिली।”
मनोज मुंतशिर ने आगे कहा,”जब ओम राउत ने ये(आदिपुरुष) फिल्म बनाई और मैं इस फिल्म से जुड़ा तो हमारे पास भी एक तरीका था। बात कहने का। तो हम उस तरीके से बात कहना चाह रहे थे।”

उन्होंने कहा कि हमारे साथ जो सबसे बड़ी चीज थी वो थी कम्यूनिकेशन। क्योंकि हम यह तो जानते थे कि यह देश राम के मूल्यों, राम के सिद्धांतों पर चलने वाला देश है। यहां किसी को राम बताने की जरूरत नहीं है। सब राम को जानते हैं।
मनोज ने आगे कहा,”लेकिन दुर्भाग्य यह है कि जो नई पीढ़ी है। ये नए बच्चे कैप्टन अमेरिका, थॉर और मारबल के यूनिवर्स में पल बढ़ रहे हैं। ये राम की कथाएं नहीं सुनते। अगर मैं ईमानदारी से कहूं, दिल पर हाथ रखकर कहूं तो कितने बच्चे हैं जो अपने खाली टाइम में यूट्यूब पर रामानंद सागर जी की रामायण देखते हैं? नहीं देखते बच्चे। तो जो लक्ष्य था वह यही था कि श्रीराम की कहानी, जो इतने बड़े नायक हैं। वो नायक लोगों तक पहुंचे। हमें बच्चों को नए और असली हीरो दे पाएं, यही हमारा लक्ष्य था। “
Adipurush:बदले जाएंगे आपत्ति वाले डायलॉग्स- मनोज मुंतशिर
मनोज मुंतशिर ने फिल्म के डागलॉग्स को लेकर कहा,”चार-साढ़े चार हजार संवादों की पंक्तियां फिल्म में हैं। उसमें से अगर 5(डायलॉग्स) पर आपको ऐतराज है तो मैं सेरोधारी करता हूं। मैं इतने अहंकार में नहीं हूं। मैं ब्रह्मा नहीं हूं कि मैंने कलम उठाई और लेखनी से जो लिख दिया वही विधि हो गई। अरे बिल्कुल नहीं। मैं राम तत्व को समझने का प्रयास कर रहा हूं। मैं बजरंगबली को समझने का प्रयास कर रहा हूं। मुझे वे ऐसे दिखे। मुझे लगता है कि उनमें बड़ी चंचलता थी।”
उन्होंने आगे कहा,”5 डायलॉगों पर आपत्ति है मैं पांचों को बदल रहा हूं। मैं अपने संवादों(डायलॉग्स) के पक्ष में अनेकों तर्क दे सकता हूं लेकिन मेरे तर्क देने से आपकी पीड़ा कम नहीं होगी। अगर आप आहत हुए हैं तो ये मेरे लिए बड़ी बात है।”
मनोज मुंतशिर ने कहा,”मैं समझता हूं फिल्म लोगों के लिए बनाई जाती है। लोगों को पसंद आई तो अच्छी बात है। अगर लोगों को कुछ हिस्से पसंद नहीं आए तो हमारा कर्तव्य है कि उसमें हम परिवर्तन कर पाएं तो करें। इसलिए हम वो डायलॉग्स बहुत जल्द बदल रहे हैं।”
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