Hansraj College: दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज की स्थापना 26 जुलाई को 1948 को डी.ए.वी. द्वारा की गई थी। कॉलेज की स्थापना दिवस के अमृत महोत्सव के उद्घाटन समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू मुख्य अतिथि होंगे। कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रमा नए एक पत्रकार वार्ता कों संबोधित करते हुए कहा कि 26 जुलाई 2022 को हसंराज कॉलेज अपनी स्थापना के 75वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है और इस अवसर पर वर्ष भर आयोजित होने वाले विविध कार्यक्रमों की शुरुआत 26 जुलाई को आयोजित होने वाले उद्घाटन समारोह के साथ होने जा रही है।
Hansraj College में इस वर्ष कई नए केंद्रो की स्थापना की जाएगी
प्रो. रमा ने कहा कि इस कॉलेज के अनेक पूर्व विद्यार्थियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में शीर्ष स्थानों पर पहुंच कर कॉलेज का नाम रौशन किया है जिनमें केंद्रीय मंत्री किरेन रिजूजू, गुजरात के पूर्व राज्यपाल ओम प्रकाश कोहली, सुपर स्टार शाहरुख़ खान, फ्लाइट लेफ्टीनेंट गुंजन सक्सेना, पद्मश्री तोमियो मिजोकामी (जापान), भारत के पूर्व सोलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रह्मण्यम सहित भारतीय प्रशासनिक सेवा के अनेक अधिकारी तथा शिक्षा, सिनेमा, संस्कृति, मीडिया, राजनीति और ज्ञान-विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों के अनेक विद्वान-विशेषज्ञ शामिल हैं।

इस कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, हंसराज कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. पूनम सूरी एवं कोषाध्यक्ष डॉ. शिवरमन गौड़ सहिन कई अतिथि कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। अमृत वर्ष में कॉलेज परिसर में महात्मा हंसराज की मूर्ति की स्थापना के साथ ही अनेक कार्यों, कार्यक्रमों एवं शैक्षिक तथा सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाना है।
इसके साथ ही वर्ष भर महात्मा हंसराज स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन किया जाएगा जिसमें देश दुनिया के शीर्षस्थ विद्वानों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यारण, महिला विकास, मानव संसाधन विकास, वेलनेस और रिहैबिलिटेशन जैसे विषयों पर कॉलेज में नए केन्द्रों की स्थापना की जाएगी।

पत्रकार वार्ता में कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रमा ने यह भी बताया कि कॉलेज अपने विद्यार्थियों को बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और पिछले कुछ वर्षों में इस दिशा में तेजी से कार्य भी हुए हैं। इस वर्ष नए विज्ञान खंड, कैंटीन, शोध केंद्र आदि संरचनाओं का उद्घाटन भी किया जाना सुनिश्चित है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कॉलेज के पुस्तकालय, सभागार, एम्फीथियेटर, प्रयोगशालाओं सहित अन्य प्रमुख संरचनाओं का नामकरण भारतीय मनीषियों के नाम पर किया जाएगा।

कॉलेज अपने राष्ट्रीय और सामाजिक दायित्वों के प्रति सदैव सजग रहा है और इस दृष्टि से इस वर्ष ज्ञान के विस्तार हेतु ‘ज्ञान सेतु परियोजना’ के तहत सुदूर क्षेत्रों के कुछ कॉलेजों की गुणवत्ता में सुधार एवं मार्गदर्शन के लिए चुना जाएगा एवं उनका सहयोग किया जाएगा। इस विशेष वर्ष में कॉलेज अपने सभी विद्यार्थियों का ग्रुप इनश्योरेंस के माध्यम से इनश्योरेंस भी करने जा रहा है।
इसके साथ ही वर्ष भर अनेक नए प्रस्तावों के साथ शोध, नवाचार, कौशल विकास आदि को बढ़ावा देने वाले तथा कॉलेज के विद्यार्थियों को अद्यतन सूचनाओं एवं ज्ञान को पहुंचाने वाले संसाधनों की उपलब्धता सुनश्चित कराने के प्रयास भी किए जाएंगे। इस पत्रकार वार्ता में कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रमा के साथ, उप प्राचार्या अलका कक्कड़, स्थापना वर्ष कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. शैलू सिंह और मीडिया एवं प्रकाशन समिति के समन्वयक डॉ. विजय कुमार मिश्र भी उपस्थित रहे।

26 जुलाई से होने वाले कार्यक्रम का अपडेट
• महात्मा हंसराज की प्रतिमा की स्थापना की जाएगी।
• महात्मा हंसराज स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन किया जाएगा जिसके अंतर्गत प्रत्येक माह भारतीय ज्ञान परंपरा, चिंतन, दर्शन, अध्यात्म, शिक्षा, संस्कृति, लोक चेतना, कौशल विकास, उद्यमिता एवं ज्ञान-विज्ञान के विविध आयामों पर शीर्षस्थ विद्वान, विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे।
• पर्यारण, महिला विकास, मानव संसाधन विकास, वेलनेस और रिहैबिलिटेशन जैसे विषयों पर नए केन्द्रों की स्थापना की जाएगी, इनमें से कुछ की प्रक्रिया शुरू भी कर दी गयी है।
• हंसराज कॉलेज के 75 पूर्व विद्यार्थियों के योगदान को रेखांकित करते हुए विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
• कॉलेज के प्राध्यापकों के लिए कम से कम 25 शोध परियोजनाओं के लिए वित्तीय व्यवस्था/प्रावधान किए जाएंगे।
• कॉलेज के सभी विभागों, समितियों के सहयोग से 75 राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों, सम्मेलनों, कार्यशालाओं आदि का आयोजन किया जाएगा।
• अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं, गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें भारत की सांस्कृतिक विविधताओं एवं उसके वैशिष्ट्य का प्रदर्शन किया जाएगा. इसके अंतर्गत कवि सम्मेलन, ग़ज़ल संध्या, सांस्कृतिक संध्या एवं सांस्कृतिक समारोहों का आयोजन किया जाएगा।
• कॉलेज में एक पुस्तक मेला का आयोजन प्रस्तावित है।
• राष्ट्रीय एकता समागम, राष्ट्रीय खेल समागम, राष्ट्रीय शिक्षा समागम, राष्ट्रीय मीडिया संवाद आदि का आयोजन किया जाएगा जिसमें देश भर के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
• कॉलेज में भारतीय भाषा केंद्र की स्थापना के साथ ही भारतीय भाषा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा जिसमें भारत के सभी भाषाओं के विद्वानों की भागीदारी होगी।
• कॉलेज में एक आकर्षक आर्ट गैलरी का निर्माण किया जाएगा तथा हंसराज कॉलेज की 75 वर्षों की यात्रा से सम्बंधित एक प्रदर्शनी लगाई जाएंगी।
• अकादमिक, खेल एवं अन्य पाठ्येतर गतिविधियों (ECA) की अलग-अलग श्रेणी में महात्मा हंसराज प्लेटिनम जुबिली छात्रवृति प्रदान किया जाएगा।
• नए विज्ञान खंड, कैंटीन, शोध केंद्र आदि आधुनिकतम सुविधाओं से युक्त संरचनाओं का उद्घाटन सुनिश्चित है।
• पुस्तकालय, सभागार, एम्फीथियेटर, प्रयोगशालाओं सहित कॉलेज की प्रमुख संरचनाओं का मनीषियों, विद्वानों, कॉलेज के इतिहास से सम्बद्ध विद्वान विशेषज्ञों आदि के नाम पर नामकरण किया जाएगा।
• दिव्यांगों द्वारा संचालित मिट्टी कैफे की स्थापना एवं सञ्चालन।
• जीरो वेस्ट कैम्पस का संकल्प।
• ज्ञान के विस्तार के लिए ‘ज्ञान सेतु परियोजना’ के तहत सुदूर क्षेत्रों के कुछ कॉलेजों की गुणवत्ता में सुधार एवं मार्गदर्शन के लिए चुना जाएगा एवं उसका सहयोग किया जाएगा।
• ग्रुप इंश्योरेंस के माध्यम से कॉलेज के सभी विद्यार्थियों का इनश्योरेंस करवाया जा रहा है।
• कॉलेज में सभी विद्यार्थियों के लिए योग प्रशिक्षण आदि की व्यापक व्यवस्था की जाएगी।
• इसके अतिरिक्त शोध, नवाचार, एवं अद्यतन सूचना एवं ज्ञान की उपलब्धता के लिए आवश्यक संरचनाओं के विकास का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और उसे समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।
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