Share Market Closing: घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कारोबारी सप्ताह के ताजा सत्र में बाजार लगातार पांचवें दिन कमजोरी के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 376.28 अंक (0.44%) फिसलकर 85,063.34 के स्तर पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स में गिरावट और गहरी हुई और यह 539.52 अंक टूटकर 84,900.10 तक आ गया।
वहीं, 50 शेयरों वाला निफ्टी 71.60 अंक (0.27%) की गिरावट के साथ 26,178.70 पर बंद हुआ। मुद्रा बाजार की बात करें तो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 90.16 (अस्थायी) पर बंद हुआ, हालांकि इससे शेयर बाजार की धारणा में खास सुधार नहीं दिखा।
कौन से शेयर गिरे, किसे मिला सहारा?
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में टाटा समूह की रिटेल कंपनी Trent के शेयरों में सबसे ज्यादा 8.62% की गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर तिमाही में राजस्व वृद्धि उम्मीद से कमजोर रहने के बाद निवेशकों में निराशा दिखी।
इसके अलावा Reliance Industries के शेयर 4.42% लुढ़के। ITC, Kotak Mahindra Bank, InterGlobe Aviation और HDFC Bank भी नुकसान में रहे।
वहीं दूसरी ओर ICICI Bank, Sun Pharma, Hindustan Unilever और State Bank of India के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।
टैरिफ की आशंका से बढ़ा दबाव
वैश्विक स्तर पर भी निवेशकों की धारणा कमजोर रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह जानकारी थी कि भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद से वे संतुष्ट नहीं हैं और वाशिंगटन जल्द ही नई दिल्ली पर टैरिफ बढ़ाने पर विचार कर सकता है।
ट्रंप की यह टिप्पणी फ्लोरिडा से वॉशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आई, जिसने उभरते बाजारों को लेकर चिंता और बढ़ा दी।
विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक संकेतों में अनिश्चितता, बड़े शेयरों में मुनाफावसूली और भू-राजनीतिक बयानबाजी के चलते बाजार फिलहाल दबाव में बना हुआ है। निवेशक अब अगले सत्रों में वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर रखेंगे।









