Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र में सियासी उठापटक के बीच आज एकनाथ शिंदे और 15 बागी विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने बागी विधायकों की याचिका पर सभी पक्षों को नोटिस दिया है और जवाब मांगा है। वहीं शिंदे ने दावा किया है कि शिवसेना के 39 विधायक हमारे साथ है। शिंदे गुट का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार अल्पमत में है। उद्धव ठाकरे सरकार को हार मान लेनी चाहिए और इन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
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बागी विधायक दीपक केसरकर ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार अल्पमत में है। SC के फैसले के बाद एकनाथ शिंदे ने ट्वीट भी किया और कहा कि हिंदुत्व के सम्राट बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व और धर्मवीर आनंद दिघे साहेब के विचारों की जीत है..! कयास लगाए जा रहे हैं कि शिंदे गुट, बीजेपी या राज्यपाल फ्लोर टेस्ट की मांग कर सकते हैं।
Maharashtra Political Crisis: 11 जुलाई के बाद बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया होगी शुरू
सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद अब कहा जा रहा है कि उद्धव सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया सकता है। क्योंकि शिंदे गुट का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार अल्पमत में है। आज जस्टिस सूर्य कांत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद बागी विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के डिप्टी स्पीकर के नोटिस पर 11 जुलाई शाम 5.30 बजे तक रोक लगा दी गई है। 11 जुलाई के बाद बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया शुरू होगी
वहीं आज आदित्य ठाकरे ने गुवाहाटी में बैठे बागी विधायकों पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि वो लोग सामने आएं और आंख में आंख डालकर हमसे बात करें। यह राजनीति नहीं सरकस बन गया है। यह बागी नहीं भगोड़े हैं, जो भागकर जाते हैं, वे कभी जीतते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कुछ विधायक हमारे साथ हैं।
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