NEET Protest: नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रेस वार्ता का वीडियो साझा करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही से बच रही है।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग दोहराते हुए कहा कि केवल मंत्रालय बदलना स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना चाहिए और इसे उन्होंने “नॉन-नेगोशिएबल डिमांड” बताया।
राहुल गांधी की तीन प्रमुख मांगें
राहुल गांधी ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से हटाया जाए और उनका इस्तीफा लिया जाए।
- संसद मार्च के दौरान छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे घटनाक्रम पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
सरकार और CJP के बीच बातचीत जारी
इस बीच, नीट आंदोलन से जुड़े संगठन CJP और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच हाल के दिनों में दो दौर की बातचीत हो चुकी है और आज यानी शनिवार को तीसरे दौर की बातचीत होनी है। CJP नेताओं का दावा है कि उनकी तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है। हालांकि, सरकार की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे सोनम वांगचुक पहले ही सरकार से मिले आश्वासनों के बाद अपना अनशन समाप्त कर चुके हैं। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और सुधार के मुद्दे पर संसद में चर्चा का भरोसा मिला है, सुसाइड कर चुके छात्रों के परिजनों को मुआवजे पर सरकार ने सहमति जताई है और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सरकार ने FIR ना करने का आश्वासन दिया है।
पेपर लीक रोकने के लिए सरकार के कदम
केंद्र सरकार ने परीक्षा में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए नया कानून लागू करने का निर्णय लिया है। सरकार के अनुसार, पेपर लीक के मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी, जहां तीन महीने के भीतर फैसला देने का लक्ष्य रखा गया है। कानून में दोषियों के लिए 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, सरकार के मुताबिक NTA के 47 अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है।









