न्यूज़रूम से फिल्म सेट तक: दो दशक की पत्रकारिता के बाद निर्देशन में उतरीं नीरू शर्मा, शॉर्ट फिल्म ‘बांद्रा बॉय’ से किया दमदार डेब्यू

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मुंबई की मनोरंजन पत्रकारिता में दो दशक से अधिक समय तक सक्रिय रहने वाली वरिष्ठ पत्रकार नीरू शर्मा अब फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में अपनी नई पहचान बनाने जा रही हैं। हिंदी फिल्म और टेलीविजन उद्योग की गहरी समझ रखने वाली नीरू ने अपनी पहली शॉर्ट फिल्म ‘बांद्रा बॉय’ के जरिए निर्देशन, लेखन और निर्माण की दुनिया में कदम रखा है। यह फिल्म जल्द ही देश और विदेश के विभिन्न फिल्म समारोहों में प्रदर्शित की जाएगी।

आज तक, न्यूज़ 24, ई-24 और सहारा इंडिया जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी नीरू शर्मा ने वर्षों तक मनोरंजन जगत की गतिविधियों को बेहद करीब से देखा और समझा है। अब उसी अनुभव को उन्होंने एक सशक्त कहानी के रूप में पर्दे पर उतारने का प्रयास किया है।

करीब 21 मिनट की अवधि वाली ‘बांद्रा बॉय’ एक थ्रिलर ड्रामा है, जो समाज में बनती धारणाओं, मीडिया ट्रायल और सच्चाई के बीच मौजूद संघर्ष को उजागर करती है। फिल्म यह सवाल उठाती है कि क्या किसी व्यक्ति के बारे में बनी सार्वजनिक राय हमेशा सच होती है, या कई बार धारणा ही लोगों के लिए वास्तविकता बन जाती है।

फिल्म की कहानी मनोरंजन जगत से जुड़े युवाओं और चर्चित परिवारों की पृष्ठभूमि में बुनी गई है। कथानक यह दर्शाता है कि कैसे अधूरी जानकारी, अफवाहें और सामाजिक पूर्वाग्रह किसी व्यक्ति की छवि को प्रभावित कर सकते हैं। कहानी का केंद्र यही है कि हर घटना के कई पहलू होते हैं, लेकिन समाज अक्सर बिना पूरी सच्चाई जाने निष्कर्ष पर पहुंच जाता है।

नीरू शर्मा का कहना है कि पत्रकारिता के दौरान उन्होंने कई ऐसे मामले देखे, जहां तथ्यों के सामने आने से पहले ही लोगों ने अपनी राय बना ली। इसी अनुभव ने उन्हें ‘बांद्रा बॉय’ जैसी कहानी लिखने और उसे फिल्म के रूप में प्रस्तुत करने की प्रेरणा दी।

फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि पत्रकारिता से फिल्म निर्देशन की ओर बढ़ना एक चुनौतीपूर्ण लेकिन रोचक यात्रा होती है। ऐसे में नीरू शर्मा का यह प्रयास न केवल उनकी रचनात्मक सोच को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक मुद्दों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता को भी सामने लाता है।

‘बांद्रा बॉय’ सिर्फ एक मनोरंजक थ्रिलर नहीं, बल्कि यह आधुनिक समाज में बनती धारणाओं, मीडिया की भूमिका और सत्य की खोज पर गंभीर सवाल भी खड़ी करती है। यही कारण है कि फिल्म को लेकर सिनेमा प्रेमियों और फिल्म समारोहों में विशेष उत्सुकता देखी जा रही है।