IND A vs AFG A: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी और लंबे-लंबे छक्कों के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि क्रिकेट जगत में उन्हें ‘बेबी बॉस’ के नाम से पहचान मिली है। लेकिन अफगानिस्तान-ए के खिलाफ ट्राई सीरीज मुकाबले में वैभव ने अपने खेल का बिल्कुल अलग रंग दिखाया। इस बार उनके बल्ले से एक भी छक्का नहीं निकला, फिर भी उन्होंने विरोधी गेंदबाजों की जमकर खबर ली और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींच लिया।
श्रीलंका, भारत और अफगानिस्तान-ए के बीच खेली जा रही त्रिकोणीय सीरीज के दूसरे मुकाबले (भारत ए बनाम अफगानिस्तान-ए) में वैभव ने 22 गेंदों पर 44 रन की तेजतर्रार पारी खेली। खास बात यह रही कि उनकी पूरी पारी में एक भी छक्का शामिल नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने 9 शानदार चौके जड़ते हुए करीब 200 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए और भारतीय पारी को मजबूत शुरुआत दिलाई।
वहीं, दूसरे छोर पर प्रभसिमरन सिंह ने भी वैभव का भरपूर साथ निभाया। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और वैभव सूर्यवंशी के आउट होने के बाद भी रनगति को थमने नहीं दिया। प्रभसिमरन ने शानदार अर्धशतकीय पारी खेलकर टीम की नींव मजबूत की।
भारतीय पारी का हाल
अफगानिस्तान के खिलाफ भारत ए ने निर्धारित 49 ओवर (बारिश के चलते) में 9 विकेट के नुकसान पर 349 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम को वैभव सूर्यवंशी (44) और प्रभसिमरन सिंह (84) ने तेज शुरुआत दिलाई, जबकि मध्यक्रम में कप्तान तिलक वर्मा (66) और रुतुराज गायकवाड़ (66) ने अहम अर्धशतकीय पारियां खेलकर पारी को मजबूती दी। निचले क्रम में ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे ने 27 गेंदों में 40 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जबकि अंकुल रॉय ने 16 रन बनाकर उपयोगी योगदान दिया। भारतीय बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन की बदौलत टीम 349 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचने में सफल रही, जिससे अफगानिस्तान के सामने जीत के लिए 350 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा गया।
छक्कों के बादशाह का बदला हुआ अंदाज
वैभव सूर्यवंशी की पहचान एक ऐसे बल्लेबाज के रूप में बन चुकी है जो शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाते हैं। उनके करियर के आंकड़े भी इसकी गवाही देते हैं। टी20 क्रिकेट में उन्होंने अब तक चौकों से ज्यादा छक्के लगाए हैं और कई बार अपनी पहली ही बाउंड्री सिक्स के रूप में दर्ज कराई है।
हालांकि अफगानिस्तान-ए के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी ने यह साबित कर दिया कि वह केवल पावर-हिटिंग बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार अपने खेल में बदलाव करने की क्षमता भी रखते हैं। इस पारी में उन्होंने गैप्स खोजे, टाइमिंग का शानदार प्रदर्शन किया और चौकों के जरिए रन गति को लगातार बनाए रखा।
लगातार दूसरे मैच में नहीं लगा छक्का
दिलचस्प बात यह है कि ट्राई सीरीज में यह लगातार दूसरा मुकाबला रहा, जिसमें वैभव के बल्ले से कोई छक्का नहीं निकला। इससे पहले श्रीलंका-ए के खिलाफ पहले मैच में भी उन्होंने 14 रन बनाए थे और उस पारी में भी केवल चौकों के जरिए रन जुटाए थे।
अब तक इस टूर्नामेंट में वैभव 36 गेंदों का सामना कर चुके हैं और उनके बल्ले से 12 चौके निकल चुके हैं, लेकिन एक भी छक्का देखने को नहीं मिला है। यह आंकड़ा उनके सामान्य बल्लेबाजी पैटर्न से बिल्कुल अलग है और बताता है कि युवा बल्लेबाज अपने खेल को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं।
IPL का रिकॉर्डधारी बल्लेबाज
वैभव हाल ही में समाप्त हुए IPL 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन के कारण सुर्खियों में रहे थे। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 72 छक्के जड़कर नया रिकॉर्ड कायम किया था। यही नहीं, उनके ओवरऑल टी20 करियर पर नजर डालें तो उन्होंने 116 चौकों के मुकाबले 134 छक्के लगाए हैं। इसके साथ ही आईपीएल 2026 में सबसे अधिक रन बनाकर ऑरेंज कैप भी अपने नाम की है।
ऐसे में बिना किसी छक्के के 44 रन की यह पारी उनके बल्लेबाजी विकास की नई कहानी बयां करती है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि युवा बल्लेबाज का यह बदला हुआ दृष्टिकोण उन्हें लंबी रेस का खिलाड़ी बना सकता है।
टीम इंडिया-ए को मिला सकारात्मक संकेत
हालांकि यह पारी शतक या अर्धशतक में तब्दील नहीं हो सकी, लेकिन वैभव ने जिस आत्मविश्वास और नियंत्रण के साथ बल्लेबाजी की, उसने टीम प्रबंधन को निश्चित रूप से सकारात्मक संकेत दिए हैं। उनकी यह पारी दिखाती है कि जरूरत पड़ने पर वह केवल ताकत के भरोसे नहीं, बल्कि तकनीक और समझदारी से भी रन बना सकते हैं।
ट्राई सीरीज के आगामी मुकाबलों में अब सभी की नजरें इस युवा बल्लेबाज पर होंगी कि क्या वह इसी निरंतरता को बरकरार रखते हुए बड़ी पारी खेलने में सफल होते हैं या नहीं।









