यूपी रोडवेज की बसें अब पूरी तरह हाईटेक, लाइव ट्रैकिंग से हर दिन 16 लाख यात्रियों का सफर हो रहा सुरक्षित

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Live Tracking in UPSRTC Buses: उत्तर प्रदेश सरकार सड़क सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षित यात्रा को लेकर लगातार तकनीक आधारित कदम उठा रही है। इसी दिशा में UPSRTC (Uttar Pradesh State Road Transport Corporation) ने प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को हाईटेक बनाते हुए लगभग सभी रोडवेज बसों को लाइव ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ दिया है।

अब प्रदेश में हर दिन करीब 16 लाख यात्रियों का सफर रियल टाइम मॉनिटरिंग के जरिए अधिक सुरक्षित बनाया जा रहा है।

13,500 से ज्यादा बसों पर डिजिटल निगरानी

यूपीएसआरटीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार निगम की 13,500 से अधिक बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगाए जा चुके हैं। इन बसों की निगरानी लखनऊ स्थित मुख्य कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जा रही है।

इसके अलावा प्रदेशभर में 20 रीजनल मॉनिटरिंग सेंटर भी लगातार सक्रिय हैं, जो 24 घंटे बसों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखते हैं।

सरकार का उद्देश्य सड़क हादसों में कमी लाना और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा देना है।

ओवरस्पीड और लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई

लाइव ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए बसों की रफ्तार, तेज ब्रेक, तेज मोड़ और निर्धारित रूट से हटने जैसी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। यदि कोई चालक तय सीमा से अधिक गति में बस चलाता है या लापरवाही सामने आती है, तो इसकी रिपोर्ट तुरंत मुख्यालय तक पहुंचती है। इसके बाद संबंधित ड्राइवर को चेतावनी या आवश्यक कार्रवाई की जाती है।

अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक के इस्तेमाल से सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी दर्ज की गई है।

पैनिक बटन से बढ़ी सुरक्षा

यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए रोडवेज बसों में पैनिक बटन की सुविधा भी दी गई है।

किसी भी आपात स्थिति या हादसे के दौरान जैसे ही पैनिक बटन दबाया जाता है, उसका अलर्ट सीधे UPSRTC कमांड सेंटर और यूपी पुलिस (Uttar Pradesh Police) कंट्रोल रूम तक पहुंच जाता है।

इसके बाद संबंधित बस के चालक और परिचालक से संपर्क कर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

निगम के मुताबिक प्रतिदिन 5 हजार से अधिक अलर्ट सिस्टम के जरिए प्राप्त होते हैं, जिन पर जरूरत के अनुसार कार्रवाई की जाती है।

यात्री भी देख सकते हैं बस की लाइव लोकेशन

यूपीएसआरटीसी ने यात्रियों की सुविधा के लिए “Track My Bus” सुविधा भी शुरू की है। निगम के मार्गदर्शी पोर्टल और आधिकारिक वेबसाइट के जरिए यात्री कहीं से भी अपनी बस की लाइव लोकेशन देख सकते हैं। इससे यात्रियों को बस के समय और स्थिति की सटीक जानकारी मिल रही है। यह सुविधा खासतौर पर महिलाओं, बुजुर्गों और लंबी दूरी के यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है।

डिजिटल परिवहन की ओर बढ़ता यूपी

योगी सरकार लगातार उत्तर प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दे रही है। लाइव ट्रैकिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम जैसी सुविधाओं के जरिए यूपी रोडवेज अब देश के सबसे बड़े स्मार्ट ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में शामिल होता जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी तकनीक न केवल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाती है, बल्कि परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करती है।

यूपीएसआरटीसी की लाइव ट्रैकिंग व्यवस्था प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। अब तकनीक के जरिए न सिर्फ बसों की निगरानी हो रही है, बल्कि लाखों यात्रियों को भरोसेमंद और सुरक्षित यात्रा का अनुभव भी मिल रहा है।