Iran-Israel War: डिमोना पर ईरानी मिसाइल हमला, ‘लिटिल इंडिया’ दहला; एयर डिफेंस फेल, 100 से ज्यादा घायल

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Iran-Israel War: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने अब और खतरनाक मोड़ ले लिया है। ईरान ने दक्षिणी इजरायल के शहर डिमोना पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। डिमोना वही शहर है जहां इजरायल का प्रमुख परमाणु रिएक्टर स्थित है और बड़ी भारतीय आबादी के कारण इसे ‘लिटिल इंडिया’ भी कहा जाता है।

इस हमले में कम से कम 100 लोगों के घायल होने की खबर है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं।

सामुदायिक भवन बना निशाना, बड़ा नुकसान टला

स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक मिसाइल एक कम्युनिटी बिल्डिंग पर गिरी, जिससे आसपास के कई पुराने मकानों को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि, समय रहते लोगों के शेल्टर में पहुंच जाने से बड़ी जनहानि टल गई।

घायलों में एक 12 वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है, जबकि कई लोग मलबे और छर्रों की चपेट में आए। साथ ही कुछ लोगों को मानसिक आघात के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

एयर डिफेंस सिस्टम की नाकामी पर सवाल

इजरायली रक्षा बल (IDF) ने स्वीकार किया है कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम इस मिसाइल को रोकने में असफल रहा। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

इजरायल के प्रधानमंत्री ने इस चूक की जांच के आदेश दे दिए हैं, जिससे आने वाले दिनों में सुरक्षा रणनीति में बदलाव संभव है।

परमाणु संयंत्र सुरक्षित, IAEA की पुष्टि

हमले के बाद सबसे बड़ी चिंता डिमोना स्थित परमाणु संयंत्र को लेकर थी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने स्पष्ट किया है कि परमाणु केंद्र पूरी तरह सुरक्षित है और वहां किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है।

ईरान का दावा—नतांज हमले का बदला

ईरान ने इस हमले को अपने नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले का जवाब बताया है। तेहरान का कहना है कि यह कार्रवाई ‘प्रतिशोध’ के तहत की गई है, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है।

ट्रंप की चेतावनी, होर्मुज बना केंद्र

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को 48 घंटे के भीतर खोला जाए, अन्यथा अमेरिका ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है और इस पर बढ़ता तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

ईरान-इजरायल के बीच बढ़ता सैन्य टकराव अब क्षेत्रीय सीमा से निकलकर वैश्विक संकट का रूप लेता जा रहा है। परमाणु ठिकानों, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री मार्गों पर खतरे ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।

अगर जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष व्यापक युद्ध में बदल सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।