US–Israel vs Iran War: लारिजानी की मौत के बाद जंग और भड़की, तेल अवीव पर ईरान के मिसाइल हमले; होर्मुज संकट से बढ़ी वैश्विक चिंता

0
0

US–Israel vs Iran War Day 19 Updates: पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजराइल संघर्ष अब और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। युद्ध के 19वें दिन हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। इजराइली हमलों में ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी और उनके बेटे की मौत की पुष्टि के बाद क्षेत्र में सैन्य टकराव तेजी से बढ़ गया है।

इस घटना को ईरान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि लारिजानी को देश के प्रभावशाली रणनीतिक अधिकारियों में गिना जाता था। उनके मारे जाने के बाद ईरान ने इसे “खुले युद्ध” जैसा कदम बताते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी।

ईरान का पलटवार: तेल अवीव पर मिसाइलों की बारिश

लारिजानी की मौत के बाद ईरान ने इजराइल पर बड़ा पलटवार किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरानी सेना ने तेल अवीव और आसपास के क्षेत्रों में सौ से अधिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

ईरान ने इसे “प्रतिशोधात्मक कार्रवाई” बताते हुए कहा कि इजराइल को इसके परिणाम भुगतने होंगे। इस हमले के बाद इजराइल में कई स्थानों पर एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा संकट

संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक राजनीति का सबसे संवेदनशील बिंदु बन गया है। ईरान के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि हमला जारी रहा तो दुश्मन देशों के जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने नहीं दिया जाएगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का संकट अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा असर डाल सकता है।

अमेरिकी सेना की जवाबी कार्रवाई

दूसरी ओर अमेरिका भी इस संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरान के तटीय इलाकों में कई सैन्य ठिकानों पर बमबारी की है।

अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में अपने सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए की जा रही है। हालांकि इस कदम से युद्ध का दायरा और बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

ट्रंप की नाराजगी, नाटो देशों पर सवाल

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाटो (NATO) देशों की भूमिका को लेकर नाराज दिखाई दिए। ट्रंप ने संकेत दिया कि कई सहयोगी देश इस संकट में अमेरिका का पर्याप्त समर्थन नहीं कर रहे हैं।

उनके बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि पश्चिमी गठबंधन के भीतर भी इस युद्ध को लेकर मतभेद उभर रहे हैं।

फ्रांस ने दिया सहयोग का संकेत

तनाव के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग देने की पेशकश की है। फ्रांस का कहना है कि इस क्षेत्र की स्थिरता वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी है।

फ्रांस की यह पहल पश्चिमी देशों के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

ईरान-इजराइल संघर्ष अब केवल क्षेत्रीय युद्ध तक सीमित नहीं रहा है। इसके प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा तक पहुंचने लगे हैं।