ना हार्दिक, ना ईशान…भारत बनाम नामीबिया मुकाबले में इस खिलाड़ी ने नाक में किया दम; खुद कप्तान ने की तारीफ

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दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत और नामीबिया के बीच गुरुवार (12 फरवरी) को खेले गए मुकाबले में भले ही सुर्खियां ईशान किशन और हार्दिक पंड्या की तूफानी अर्धशतकीय पारियों ने बटोरी हों, लेकिन मैच का असली टर्निंग पॉइंट भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती (Varun Chakravarthy) का छोटा मगर घातक स्पेल रहा। 209 रनों का विशाल लक्ष्य खड़ा करने के बाद भारत ने नामीबिया को महज 116 रनों पर समेट दिया। 93 रनों की इस शानदार जीत के साथ टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप में अपनी 10वीं लगातार जीत दर्ज की और इस जीत की नींव वरुण के पहले ही ओवर में रखी गई।

पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को आक्रामक शुरुआत मिली। ईशान किशन (Ishan Kishan) ने 24 गेंदों पर 61 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जबकि हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) ने 28 गेंदों में 52 रन जड़े और गेंदबाजी में भी दो विकेट चटकाए। इन पारियों की बदौलत भारत ने 209 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। हालांकि, नामीबिया की डेथ बॉलिंग ने आखिरी चार ओवरों में सिर्फ 25 रन देकर 5 विकेट चटकाए और नुकसान को कुछ हद तक सीमित किया।

लक्ष्य का पीछा करते हुए नामीबिया की शुरुआत उत्साहजनक रही। पावरप्ले में रन बने और कप्तान गेरहार्ड इरास्मस (Gerhard Erasmus) ने आत्मविश्वास के साथ स्ट्राइक रोटेट की। छोटे मैदान और हल्की ओस के बीच नामीबिया को लगा कि वे मुकाबले में बने हुए हैं। कप्तान इरास्मस के मुताबिक, 26 ओवर के खेल के बाद तक उनकी टीम को जीत की उम्मीद दिख रही थी।

दो ओवर में तीन विकेट ने पलट दिया मैच

यहीं से मैच ने करवट बदली। जैसे ही वरुण चक्रवर्ती को आक्रमण पर लाया गया, उन्होंने पहली ही गेंद पर सलामी बल्लेबाज लॉरेन स्टीमकेम्प (Lauren Steemkamp) का विकेट लेकर नामीबिया की लय तोड़ दी। अपने सिर्फ दो ओवर के स्पेल में वरुण ने 7 रन देकर 3 विकेट झटके और चेज़ की रीढ़ तोड़ दी। उनके इस स्पेल के बाद भारतीय उपकप्तान और स्टार ऑलराउंडर अक्षर पटेल (Axar Patel) ने भी कप्तान इरास्मस को आउट कर दबाव और बढ़ा दिया। स्कोरकार्ड पर नामीबिया पांच विकेट गंवा चुका था—और यहीं से नतीजा तय हो गया।

पोस्ट-मैच प्रेज़ेंटेशन में नामीबिया के कप्तान इरास्मस ने खुलकर माना कि वरुण का स्पेल निर्णायक रहा। उन्होंने कहा कि ओस के कारण स्पिनरों के लिए चुनौती की उम्मीद थी, लेकिन वरुण ने परिस्थितियों से ऊपर उठकर मैच छीन लिया। इरास्मस ने अपनी टीम की डेथ बॉलिंग की तारीफ की और स्वीकार किया कि पावरप्ले के बाद ज्यादा रन लुटाना भारी पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े टीमों से मुकाबला करने के लिए शीर्ष और निचले ओवरों में स्पेशलाइजेशन बढ़ाना जरूरी है।

भारतीय खेमे के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि गेंदबाजी यूनिट ने सामूहिक प्रदर्शन किया; हर गेंदबाज ने विकेट चटकाए। हालांकि, सबसे ज्यादा असर वरुण चक्रवर्ती के छोटे स्पेल का दिखा, जिसने मैच की दिशा और दशा दोनों बदल दी।