IND U19 vs ENG U19 CWC Final: 15 चौके–15 छक्के…14 साल के सूर्यवंशी ने इंग्लैंड की नाक में किया दम, 175 की पारी खेल रचा इतिहास

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IND U19 vs ENG U19 CWC Final: आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप (ICC Under 19 CWC 2026) के फाइनल मुकाबले में भारतीय अंडर-19 टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। शुक्रवार, 6 फरवरी को हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब (Harare Sports Club), जिम्बाब्वे में खेले गए खिताबी मुकाबले में भारत के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की एक न चलने दी। महज 14 साल की उम्र में वैभव ने 80 गेंदों पर 175 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर न सिर्फ अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल का सबसे तेज शतक जड़ा, बल्कि फाइनल इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी भी अपने नाम कर ली।

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और शुरुआत से ही इंग्लैंड पर दबाव बना दिया। हालांकि पारी की शुरुआत में भारत को पहला झटका जल्दी लग गया। ओपनर एरन जॉर्ज 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह फाइनल मुकाबले को मानो एकतरफा बना गया।

वैभव सूर्यवंशी का तूफान

दूसरे छोर से वैभव सूर्यवंशी ने जिम्मेदारी संभाली और फिर गेंदबाजों पर टूट पड़े। उन्होंने इंग्लैंड के हर गेंदबाज को निशाने पर लिया—चाहे पेस हो या स्पिन। वैभव ने अपनी 175 रनों की पारी में 15 चौके और 15 छक्के जड़े और अपने कुल स्कोर में से 150 रन सिर्फ बाउंड्री से ही बटोरे।

उनका शतक रिकॉर्ड समय में आया और इसके बाद भी उन्होंने रुकने का नाम नहीं लिया। दोहरे शतक के बेहद करीब पहुंचकर वे जरूर चूक गए, लेकिन तब तक मैच की दिशा पूरी तरह भारत के पक्ष में जा चुकी थी। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 218 का रहा।

32 ओवर तक मैच का हाल

खबर लिखे जाने तक 32 ओवर की समाप्ति तक भारत ने 3 विकेट के नुकसान पर 288 रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी 175 रन बनाकर आउट हुए, जबकि उनका भरपूर साथ निभाया टीम के कप्तान आयुष महात्रे (Ayush Mhatre) ने, जिन्होंने 53 रनों की उपयोगी अर्धशतकीय पारी खेली।

इसके बाद क्रीज पर मौजूद वेदांत त्रिवेदी (Vedant Trivedi – 27*) और विहान मलहोत्रा (Vihaan Malhotra – 18*) ने पारी को संभालते हुए भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने के साझेदारी आगे बढ़ा रहे हैं। इंग्लैंड के गेंदबाज इस दौरान पूरी तरह बेबस नजर आए और कोई भी भारतीय रनगति पर ब्रेक नहीं लगा सका।

इंग्लैंड की रणनीति हुई फेल

इंग्लैंड ने शुरुआत में फील्ड बदलने और गेंदबाजों को घुमाने की कोशिश जरूर की, लेकिन वैभव की आक्रामकता के आगे सारी योजनाएं ध्वस्त हो गईं। लगातार गिरता दबाव इंग्लिश खेमे की बॉडी लैंग्वेज में भी साफ दिखा। हालांकि इस बीच एलेक्स ग्रीन और एनी लुम्स्डेन मैनी लुम्सडेन

फाइनल में भारत का दबदबा

फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में भारत की बल्लेबाजी ने यह साफ कर दिया कि इस टीम में सिर्फ टैलेंट ही नहीं, बल्कि बड़े मंच पर खेलने का माद्दा भी है। उम्मीद जताई जा रही कि टीम इंडिया का स्कोर 380 से 400 के करीब होगा, जो कि नया वर्ल्ड रिकॉर्ड हो सकता है। वैभव सूर्यवंशी की यह पारी आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य की झलक मानी जा रही है।