Attack on Swami Prasad Maurya: उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य पर रायबरेली में एक जनसभा के दौरान हमला किया गया। यह घटना तब हुई जब वे सिविल लाइन इलाके में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे और समर्थक उन्हें फूल माला पहनाकर स्वागत कर रहे थे।
इसी दौरान एक युवक ने पीछे से अचानक उनके सिर पर थप्पड़ जड़ दिया। हमले के बाद आरोपी युवक भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया और भीड़ ने उसकी पिटाई कर दी। इस बीच मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
मौर्य का योगी सरकार पर निशाना
हमले के तुरंत बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने योगी आदित्यनाथ सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया, “उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी है। योगी सरकार में ठाकुरों और गुंडों को खुली छूट दी गई है। यह हमला करणी सेना के लोगों द्वारा किया गया, और पुलिस की मौजूदगी में हुआ।”
उन्होंने यह भी कहा कि ये घटनाएं यह साबित करती हैं कि राज्य में गुंडाराज हावी है और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।
पुलिस का बयान और स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ से हमलावर को बचाकर हिरासत में लिया। हालांकि अभी तक पुलिस ने हमलावरों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और सभी कोणों से तफ्तीश होगी।
हमले पर लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दी प्रतिक्रिया
आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने रायबरेली में स्वामी प्रसाद मौर्य पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को “निंदनीय और शर्मनाक” बताते हुए कहा, “लोकतंत्र में विचारों से असहमति का समाधान बहस और संवाद के ज़रिए होना चाहिए, हिंसा के ज़रिए नहीं। यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति की सुरक्षा पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादा पर भी सीधी चोट है।”
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि इस तरह की कायराना हरकतें स्वीकार्य नहीं हैं और इनका समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस से मांग की है कि इस घटना में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, “आज़ाद समाज पार्टी इस कृत्य की घोर निंदा करती है और हम लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हर प्रवृत्ति के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।”









