Chaitra Navratri 2023: नवरात्रि आने में एक ही शेष है।इसी बीच लोगों ने तैयारियां भी शुरू कर दीं हैं।22 मार्च से शुरू होने जा रहे चैत्र नवरात्रि के महापर्व का समापन 30 मार्च को होने जा रहा है।देवी मां के इन पावन 9 दिनों में देवी मां के स्वरूपों की पूरी श्रद्धा भक्ति और विधिविधान के साथ देवी मां की पूजा की जाती है।
ये दिन वैसे भी खास होने जा रहा है, क्योंकि इसी दिन से विक्रम संवत 2080 से ही हिंदू नववर्ष का आगमन भी होने जा रहा है। मालूम हो कि 1 वर्ष बार कुल 4 बार नवरात्रि आती है।देशभर में ये त्योहार अलग-अलग ढंग से मनाया जाता है।ऐसे में ही भक्त की इच्छा होती है कि देवी मैया उस पर अपनी कृपा बरसाएं। मां को प्रसन्न करने के लिए पूरी श्रद्धा से पूजा करता है और सुख-समृद्धि की कामना करता है।ऐसे में इन नवरात्रि में देवी मां की कृपा प्राप्ति के लिए किन चीजों की जरूरत होती है, आइए जानते हैं यहां?

Chaitra Navratri 2023:जानिए कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
Chaitra Navratri 2023:नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है।इसका बेहद महत्व होता है। इस चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना का समय सुबह 06 बजकर 14 मिनट से सुबह 07 बजकर 55 मिनट तक है।इसके साथ ही चैत्र नवरात्रि के पहले दिन देवी की प्रतिमा और कलश को लकड़ी या चंदन से बनी चौकी पर स्थापित करें।
चंदन को शुभता का प्रतीक माना जाता है।चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घर के मुख्य द्वार पर हल्दी से स्वास्तिक का चिहन बनाएं जो कि सकारात्मकता का प्रतीक होता है।
Chaitra Navratri 2023: जानें कौन से दिन कौन सी देवी की पूजा ?
- नवरात्रि पहला दिन 22 मार्च 2023 दिन बुधवार: मां शैलपुत्री पूजा (घटस्थापना)
- 2- नवरात्रि दूसरा दिन 23 मार्च 2023 दिन गुरुवार: मां ब्रह्मचारिणी पूजा
- नवरात्रि तीसरा दिन 24 मार्च 2023 दिन शुक्रवार: मां चंद्रघंटा पूजा
- 4- नवरात्रि चौथा दिन 25 मार्च 2023 दिन शनिवार: मां कुष्मांडा पूजा
- नवरात्रि पांचवां दिन 26 मार्च 2023 दिन रविवार: मां स्कंदमाता पूजा
- 6- नवरात्रि छठवां दिन 27 मार्च 2023 दिन सोमवार: मां कात्यायनी पूजा
- 7नवरात्रि सातवं दिन 28 मार्च 2023 दिन मंगलवार: मां कालरात्रि पूजा
- 8- नवरात्रि आठवां दिन 29 मार्च 2023 दिन बुधवार: मां महागौरी
- 9- नवरात्रि 9वां दिन 30 मार्च 2023 दिन गुरुवार: मां सिद्धिदात्री
डिस्लेमर- इस लेख में निहित सूचनाएं ज्योतिषियों/पंचांग से संग्रहित की गईं हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है।
संबंधित खबरें
- Vikram Samvat 2080: ‘पिंगल’ होगा नवसंवत्सर का नाम, राजा बुध और मंत्री शुक्र का क्या होगा असर, जानिए यहां
- Dasha Mata Vrat: निरोगी काया और सुख-समृद्धि देने वाला होता है दशा माता का व्रत, जानिए पूजा का मुहूर्त, विधि और बहुत कुछ