NEET Paper Leak: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर राजधानी दिल्ली और देशभर के कई शहरों में जारी विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी है। थरूर ने सीधे टिप्पणी करने के बजाय उर्दू शायर मुनीर नियाज़ी की मशहूर पंक्तियां साझा करते हुए सरकार के फैसले के समय पर सवाल उठाए।
उन्होंने लिखा, “हमेशा देर कर देता हूं मैं हर काम करने में, ज़रूरी बात कहनी हो, कोई वादा निभाना हो…”। इसके साथ उन्होंने इसका अंग्रेजी अनुवाद भी साझा किया। थरूर की यह पोस्ट प्रधानमंत्री मोदी के उस संदेश के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने पेपर लीक मामलों में त्वरित सुनवाई और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की थी।
PM मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की शीघ्र सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। साथ ही संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कानून मंत्री ने बताई आगे की प्रक्रिया
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पेपर लीक से जुड़े मामलों में जिन राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं, वहां फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था के लिए संबंधित उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को केंद्र सरकार पत्र भेजेगी। उन्होंने कहा कि इन मामलों की नियमित सुनवाई कराने का प्रयास होगा ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
विपक्ष और छात्र संगठनों ने उठाए सवाल
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद विपक्षी नेताओं और कुछ छात्र संगठनों ने इस कदम का स्वागत करने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की भी मांग उठाई है। कुछ नेताओं का कहना है कि केवल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में संस्थागत सुधार और जवाबदेही तय करना भी आवश्यक है।
इस बीच, Cockroach Janata Party (CJP) ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी लड़ाई केवल दोषियों को सजा दिलाने की नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की है। संगठन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और व्यापक सुधारों की मांग दोहराई।









