LPG Crisis: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण भारत में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर चिंताएं सामने आई हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में फिलहाल एलपीजी सिलेंडरों की कोई वास्तविक कमी नहीं है। सरकार का कहना है कि गैस की सप्लाई सामान्य है, लेकिन अफवाहों और पैनिक बुकिंग के कारण मांग अचानक बढ़ गई है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि हाल के दिनों में गैस बुकिंग में काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पहले जहां प्रतिदिन लगभग 7.5 से 7.6 मिलियन बुकिंग दर्ज हो रही थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 8.8 मिलियन तक पहुंच गई है।
तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला
एलपीजी की संभावित कमी को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने उन रेस्तरां, होटलों और चाय दुकानों को बिजली पर सब्सिडी देने का फैसला किया है, जो अपने किचन में एलपीजी की जगह इलेक्ट्रिक या इंडक्शन स्टोव का इस्तेमाल करेंगे।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके तहत ऐसे प्रतिष्ठानों को अतिरिक्त बिजली खपत पर 2 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार यह सब्सिडी तब तक लागू रहेगी, जब तक केंद्र सरकार की ओर से एलपीजी उपयोग से जुड़ी पाबंदियां लागू हैं।
महाराष्ट्र में सियासत तेज
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर एलपीजी की कमी को लेकर लोगों में डर फैला रही है।
उन्होंने कहा कि अफवाहों की वजह से गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि वास्तविकता में एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
होरमुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाज
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई गई है। ईरान ने होरमुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए दो भारतीय झंडे वाले एलपीजी जहाजों को ट्रांजिट की अनुमति दी है। इनमें से एक जहाज ‘शिवालिक’ ओमान की खाड़ी के पास देखा गया और इसके 21 मार्च तक अपने गंतव्य पर पहुंचने की संभावना है।
समुद्री मंत्रालय के अनुसार फिलहाल 24 भारतीय जहाज पर्शियन गल्फ क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं, जिन पर 668 भारतीय नाविक कार्यरत हैं।
कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई
इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। खाद्य एवं रसद विभाग ने राज्यभर में 1,483 स्थानों पर छापेमारी की और इस दौरान छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।
सरकार का कहना है कि गैस की उपलब्धता बनाए रखने और उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।









