दिल्ली विधानसभा में आज आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कार्यकाल की दूसरी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) रिपोर्ट पेश की जाएगी। यह रिपोर्ट दिल्ली की स्वास्थ्य सुविधाओं, विशेष रूप से मोहल्ला क्लीनिक और अस्पतालों में पाई गई अनियमितताओं को उजागर कर सकती है। इससे पहले CAG की पहली रिपोर्ट में दिल्ली की शराब नीति को लेकर केजरीवाल सरकार पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।
गुरुवार को विधानसभा में शराब नीति पर हुई बहस के बाद रिपोर्ट को पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) को भेज दिया गया था, जिसे तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। अब आज स्वास्थ्य सुविधाओं पर आधारित CAG की रिपोर्ट पेश होने जा रही है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि केजरीवाल सरकार के हेल्थ मॉडल को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में पाई गई अनियमितताएं
CAG की ड्राफ्ट रिपोर्ट में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर में कई गंभीर खामियां उजागर हुई हैं:
- 18 मोहल्ला क्लीनिकों में थर्मामीटर तक उपलब्ध नहीं थे।
- 45 क्लीनिकों में एक्स-रे व्यूअर नहीं था।
- 21 क्लीनिकों में पल्स ऑक्सीमीटर की कमी पाई गई।
- 12 क्लीनिकों में वजन मापने की मशीनें नहीं थीं।
- 21 मोहल्ला क्लीनिकों में टॉयलेट की सुविधा तक नहीं थी।
- कोविड फंड के तहत 245 करोड़ रुपये खर्च नहीं किए गए।
- स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित ₹2,623 करोड़ रुपये लैप्स हो गए।
- यह रिपोर्ट दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक और सरकारी अस्पतालों में फैली अव्यवस्थाओं को उजागर कर सकती है। इसको लेकर विपक्षी दलों ने पहले ही आम आदमी पार्टी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
AAP विधायक राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात
इस रिपोर्ट के पेश होने से पहले आम आदमी पार्टी के विधायक राष्ट्रपति से मिलने की योजना बना रहे हैं। गुरुवार को सदन में उपराज्यपाल के संबोधन के दौरान हंगामे के कारण 21 आप विधायकों को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद निष्कासित विधायकों ने पूर्व सीएम आतिशी के नेतृत्व में विधानसभा गेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। अब वे राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।
CAG रिपोर्ट पर PAC को कार्रवाई का निर्देश
शराब नीति पर आई CAG रिपोर्ट पहले ही विधानसभा में पेश की जा चुकी है, जिसके बाद इसे पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) को भेजा गया है। PAC को अगले तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देनी होगी। साथ ही, स्पीकर ने आबकारी विभाग को निर्देश दिया है कि वह एक महीने के भीतर एक्शन टेकेन रिपोर्ट (ATR) भी प्रस्तुत करे।
CCTV कैमरा मामले में जांच के आदेश
इस बीच PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने बीजेपी विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगवाए। इस पर मंत्री ने गड़बड़ी की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
दिल्ली में इलाकों के नाम बदलने की मांग तेज
बीजेपी के दो विधायकों ने अपने-अपने इलाकों के नाम बदलने की मांग उठाई है। नजफगढ़ का नाम बदलकर नाहरगढ़ करने की मांग की गई है, जबकि आरकेपुरम क्षेत्र के विधायक अनिल शर्मा ने मोहम्मदपुर गांव का नाम बदलकर माधवपुर करने का प्रस्ताव दिया है। इससे पहले विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने मुस्तफाबाद का नाम बदलकर शिवपुरी या शिव विहार करने की मांग रखी थी।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
दिल्ली के विभिन्न गांवों के नाम बदले जाने की इस मांग को लेकर स्थानीय लोग भी अपनी राय दे रहे हैं। खासतौर पर मोहम्मदपुर गांव के निवासियों ने अपने विधायक के प्रस्ताव का समर्थन किया है और “माधवपुर” नाम को उचित ठहराया है। CAG की इस नई रिपोर्ट से आम आदमी पार्टी सरकार के स्वास्थ्य मॉडल पर बड़ा सवाल खड़ा हो सकता है। अब देखना होगा कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद दिल्ली की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।