Google ने अपने एंड्रॉयड यूजर्स की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। लंबे समय तक एंड्रॉयड यूजर्स को किसी भी सोर्स से ऐप डाउनलोड करने की अनुमति रही, जो इसे ऐप्पल के आईओएस से अलग बनाती थी। लेकिन अब यह सिस्टम बदलने जा रहा है। अगले साल से गूगल नया नियम लागू करेगी, जिसके तहत यूजर्स केवल वेरिफाइड डेवलपर्स की ऐप्स ही इंस्टॉल कर पाएंगे।
गूगल का नया सिस्टम
गूगल डेवलपर वेरिफिकेशन प्रोग्राम लेकर आ रही है। इसके तहत हर एंड्रॉयड डेवलपर को पहले वेरिफाई होना होगा। वेरिफिकेशन के बाद ही उन्हें सर्टिफाइड एंड्रॉयड डिवाइस पर ऐप्स इंस्टॉल करने की अनुमति मिलेगी। जो डेवलपर्स वेरिफिकेशन में शामिल नहीं होंगे, वे एंड्रॉयड यूजर्स के लिए ऐप्स नहीं बना पाएंगे।
हालांकि अभी गूगल प्ले स्टोर पर ऐप लिस्ट करने के लिए डेवलपर्स का वेरिफिकेशन कराती है, लेकिन अब इसका दायरा थर्ड-पार्टी डेवलपर्स तक बढ़ाया जाएगा। यानी, प्ले स्टोर के अलावा अन्य सोर्सेस से आने वाली ऐप्स भी केवल वेरिफाइड डेवलपर्स द्वारा ही इंस्टॉल हो पाएंगी।
कौन-कौन से फोन्स प्रभावित होंगे
- गूगल का यह नियम उन सभी फोन्स पर लागू होगा, जिनमें प्री-इंस्टॉल्ड गूगल सर्विसेस होती हैं। वहीं, गूगल सर्विसेस के बिना आने वाले डिवाइस इस नियम से बाहर रहेंगे।
- गूगल ने डेवलपर्स के लिए एक खास एंड्रॉयड डेवलपर्स कंसोल भी लॉन्च करने की योजना बनाई है। यहां डेवलपर्स अपना वेरिफिकेशन करवाएंगे। अक्टूबर से इस सिस्टम की टेस्टिंग शुरू हो जाएगी, लेकिन डेवलपर्स के लिए कंसोल अगले साल मार्च में लाइव होगा।
कब शुरू होगा नया नियम
- इस वेरिफिकेशन प्रोग्राम की शुरुआत 2026 के सितंबर में ब्राजील, इंडोनेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड से होगी। 2027 तक इसे दुनिया के बाकी देशों में भी लागू कर दिया जाएगा।
- इस बदलाव के बाद एंड्रॉयड यूजर्स केवल भरोसेमंद डेवलपर्स की ऐप्स इंस्टॉल कर पाएंगे, जिससे मोबाइल सुरक्षा और यूजर प्रोटेक्शन मजबूत होगा।