Hanuman Chalisa: मंगलवार ही नहीं, इन तीन शक्तिशाली मुहूर्तों में भी करें हनुमान चालीसा का पाठ, मिलती है विशेष कृपा!

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Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा का पाठ भक्तों के बीच सबसे अधिक प्रचलित धार्मिक साधनाओं में से एक है। आमतौर पर इसे मंगलवार के दिन पढ़ने की परंपरा है, लेकिन धर्मशास्त्र और ज्योतिष से जुड़े जानकारों का मानना है कि मंगलवार के अलावा भी कुछ ऐसे विशेष दिन और समय होते हैं, जिनमें हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इन मुहूर्तों में किया गया पाठ मानसिक शांति, आत्मबल और नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा प्रदान करता है।

1. शनिवार (शनि दोष शांति के लिए सबसे प्रभावी दिन)

शनिवार का दिन भगवान हनुमान की उपासना के लिए बेहद प्रभावशाली माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान हनुमान ने शनि देव को उनके कष्टों से मुक्त कराया था, इसलिए शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि से जुड़े दोषों का प्रभाव कम होता है। जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, उनके लिए शनिवार का पाठ विशेष लाभकारी माना जाता है। इस दिन श्रद्धा के साथ किया गया पाठ भय, मानसिक तनाव और बाधाओं से राहत देने में सहायक माना जाता है।

2. ब्रह्म मुहूर्त (आध्यात्मिक ऊर्जा का सर्वोत्तम समय)

ब्रह्म मुहूर्त, जो सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले का समय होता है, आध्यात्मिक साधना के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इस समय वातावरण शांत, पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है। ब्रह्म मुहूर्त में हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन एकाग्र होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। जो लोग जीवन में असमंजस, डर या मानसिक अस्थिरता से गुजर रहे हैं, उनके लिए इस समय किया गया पाठ विशेष रूप से प्रभावी माना जाता है।

3. अमावस्या और हनुमान जयंती (विशेष सिद्धि के दिन)

अमावस्या और हनुमान जयंती को भी हनुमान चालीसा के पाठ के लिए अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। अमावस्या को नकारात्मक ऊर्जा और पितृ दोष से जोड़कर देखा जाता है, ऐसे में इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से नकारात्मक प्रभावों में कमी आती है और घर में सकारात्मक वातावरण बनता है। वहीं हनुमान जयंती के दिन श्रद्धा और नियम से किया गया पाठ भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी की उपासना से साहस, शक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

कुल मिलाकर, हनुमान चालीसा का पाठ केवल मंगलवार तक सीमित नहीं है। शनिवार, ब्रह्म मुहूर्त और अमावस्या या हनुमान जयंती जैसे विशेष समय और दिन भी इसके लिए उतने ही प्रभावशाली माने गए हैं। सच्ची श्रद्धा और नियमितता के साथ किया गया पाठ जीवन में स्थिरता, सुरक्षा और आत्मबल प्रदान करता है।

Disclaimer: यह खबर धार्मिक मान्यताओं और सामान्य विश्वासों पर आधारित है। APN News इसकी प्रमाणिकता की पुष्टि या गारंटी नहीं देता। पाठक किसी भी निर्णय से पहले अपनी व्यक्तिगत आस्था और विवेक का उपयोग करें।