
Kartavya Path: केंद्र सरकार राजपथ के नाम को लेकर बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। जहां ये चर्चा अब तेज है कि राजपथ का नाम बदलकर अब कर्तव्य पथ रखा जा सकता है। हालांकि, अभी तक इसका आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन इस खबर के सामने आने के बाद TMC नेता ने इस पर तंज कसा है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इस मामले में केंद्र सरकार को घेरते हुए निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पीएम आवास का नाम बदलकर किंकर्तव्यविमूढ़ मठ करने की भी मांग की है। किंकर्तव्यविमूढ़ का अर्थ होता है- दुविधा में रहना।
Kartavya Path: संस्कृति को बदलना बीजेपी का कर्तव्य- महुआ
महुआ मोइत्रा ने ट्वीट करते हुए इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि वे राजपथ का नाम कर्तव्य पथ कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि वे पीएम आवास का नाम बदलकर किंकर्तव्यविमूढ़ मठ करेंगे। बता दें कि इससे पहले भी उन्होंने इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरा था। महुआ ने ट्ववीट किया कि क्या हो रहा है? क्या बीजेपी ने हमारी संस्कृति को बदलने का अपना एक मात्र कर्तव्य बना लिया है? क्या उनके महापाप और पागलपन में हमारी विरासत का इतिहास फिर से लिखा जाएगा?
Kartavya Path: 7 सितंबर को हो सकता है फैसला
गौरतलब है कि केंद्र की मोदी सरकार ने दिल्ली के राजपथ का नाम बदलने का फैसला किया है। अब इसका नाम कर्तव्य पथ किया जाना तय हुआ है। 7 सितंबर को NDMC की बैठक होने वाली है, जिसमें सरकार इस फैसले पर मुहर लगा सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जब लाल किला की प्राचीर से गुलामी की हर चीज से मुक्त होने की बात कही थी, तभी से राजपथ का नाम बदलने पर भी मंथन शुरू हो गया था। इसी कड़ी में सरकार ने अब कई सालों बाद राजपथ को कर्तव्य पथ का नाम देने का ऐलान किया है। नेताजी स्टैच्यू से लेकर राष्ट्रपति भवन तक जो रोड जाती है, उसे अब कर्तव्य पथ किया जाएगा।
Kartavya Path: गुलामी की हर चीज से मुक्ति वाली पहल
अभी तक सरकार ने इसका औपचारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन NDMC की बैठक में इसे हरी झंडी दिखा दी जाएगी। इससे पहले भी सरकार ने ऐसे ही कई स्थानों के नाम बदले हैं। मोदी सरकार के आते ही रेड कोर्स रोड का नाम बदल लोक कल्याण मार्ग कर दिया गया था। कई रेलवे स्टेशनों के नाम भी ऐसे ही बदले गए हैं। सरकार का तर्क है कि आजादी के 75 साल बाद गुलामी का कोई भी प्रतीक नहीं रहना चाहिए।
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