नए साल से पहले दिल्ली-NCR ‘रेड ज़ोन’ में, जहरीली हुई हवा, हालात चिंताजनक

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नए साल से पहले दिल्ली-NCR ‘रेड ज़ोन’ में, जहरीली हुई हवा, हालात चिंताजनक
नए साल से पहले दिल्ली-NCR ‘रेड ज़ोन’ में, जहरीली हुई हवा, हालात चिंताजनक

राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट लगातार गहराता जा रहा है। रविवार सुबह लोग एक बार फिर घने स्मॉग के बीच जागे। शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 391 दर्ज किया गया, जो सीधे तौर पर खतरनाक श्रेणी में आता है। हालात का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि दिल्ली के 39 में से 20 एयर मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा ‘गंभीर’ स्तर तक पहुंच चुकी है। वहीं, पड़ोसी शहर नोएडा की स्थिति दिल्ली से भी ज़्यादा खराब बनी हुई है।

20 निगरानी केंद्रों पर ‘गंभीर’ श्रेणी

दिल्ली में स्थापित 39 प्रदूषण निगरानी केंद्रों में से 20 केंद्रों ने AQI को ‘Severe’ यानी अत्यंत खराब स्तर पर रिकॉर्ड किया। आनंद विहार, वजीरपुर, रोहिणी और अक्षरधाम जैसे इलाकों में AQI 440 से ऊपर दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक माना जाता है।

नोएडा में हालात और बिगड़े

दिल्ली से सटे नोएडा में प्रदूषण का स्तर और भी चिंताजनक रहा। सेक्टर-125 में AQI 414 दर्ज किया गया, जबकि कुछ इलाकों में यह आंकड़ा 443 तक पहुंच गया। यह साफ संकेत है कि नोएडा भी पूरी तरह ‘सीवियर ज़ोन’ की चपेट में है।

स्मॉग और ठंड ने बढ़ाई परेशानी

सुबह के समय राजधानी के कई इलाकों में दृश्यता काफी कम रही। घना स्मॉग और गिरता तापमान प्रदूषण को ज़मीन के पास रोक रहा है, जिससे हवा और भारी होती जा रही है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने प्रदूषक कणों को फैलने से रोके रखा।

पूरे NCR में जहरीली हवा

दिल्ली ही नहीं, बल्कि एनसीआर के अन्य शहरों—गाज़ियाबाद, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम—में भी वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ से लेकर ‘गंभीर’ श्रेणी के बीच बनी हुई है।

प्रदूषण बढ़ने की वजहें

विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की रफ्तार बेहद कम होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे हुए हैं। ठंड और स्मॉग के मेल ने हालात को और बिगाड़ दिया है। इसके अलावा ट्रैफिक का दबाव, औद्योगिक गतिविधियां और धूल जैसे स्थानीय कारण भी प्रदूषण को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

लोगों के लिए सलाह

डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने सांस, दिल और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। बाहर निकलना ज़रूरी हो तो मास्क का इस्तेमाल करें। सुबह और देर शाम के समय खुले में व्यायाम करने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है।