आतंकी हमले में हल्द्वानी के रहने वाले योगेश परगांई के शहीद होने की खबर से उनके घर में कोहराम मच गया, पूरा परिवार दुख के साये में चला गया। योगेश के परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। सैनिक योगेश परगांई कुमाऊं रेजीमेंट की कंपनी आठ कुमाऊं में नागालैंड में तैनात थे। बुधवार रात पैट्रोलिंग से लौटते हुए आतंकियों ने उनकी टुकड़ी पर अचानक हमला बोल दिया। योगेश ने पूरी वीरता से आतंकियों का सामना किया। इसी दौरान आतंकियों की एक गोली योगेश के सीने पर लग गई और वह शहीद हो गए।

वहीं योगेश ने शहीद होने से 10 घंटे पहले योगेश ने अपने बड़े भाई मुकेश को फोन कर कहा था कि, ‘भईया मैं बिल्कुल ठीक हूं, दो महीने बाद घर आऊंगा। तुम मां का ध्यान रखना।’ लेकिन जैसे ही घरवालों ने बेटे योगेश के शहीद होने की खबर सुनी तो कोहराम मच गया।

बता दें कि घर में सबसे छोटा होने की वजह से वह सबके लाडले थे। मां तारी देवी ने उनके बहू की तलाश शुरू कर दी थी। बहू की तलाश पूरी नहीं हो लेकिन बेटा खो गया। योगेश की शहादत की खबर सुनते ही मां बेसुध हो गईं। परिजन बार-बार संभालने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उन्हें संभाल नहीं पा रहे हैं। लाडले भाई को खोने के बाद दोनों बड़े भाई भी मौन हो गए हैं किसी से कोई बातचीत नहीं सिर्फ आंखों में आंसू थे।

योगेश के बचपन के साथी भदरकोट के भास्कर परगांई ने बताया कि योगेश पढ़ाई से लेकर खेलकूद और सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहते थे। बचपन में उन्हें तैराकी, क्रिकेट, वॉलीबाल, कबड्डी, खोखो आदि का शौक था। उन्हें बचपन के प्रिय साथी को इतनी जल्दी खोने का गम है।

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