Share Market: देश के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र बीएसई और एनएसई के जरिये रोजाना करोड़ों रुपयों का कारोबार होता है। यहां बड़ी संख्या में निवेशक इस उम्मीद के साथ अपनी गाढ़ी कमाई लगाते हैं, कि उन्हें बेहतर मुनाफा होगा। उन्हीं करोड़ों लोगों के विश्वास के साथ खेलकर यहां स्टॉक का रेट प्रशासन नहीं, बल्कि एक गुमनाम हिमालय योगी के हाथ में था, यानी सीधे तौर पर उसी के इशारे पर एनएसई चलता था।
हिमालय योगी यहां की शीर्ष पद पर बैठीं एनएसई की पूर्व सीईओ (CEO) चित्रा रामकृष्ण को बताता था, कि आज कारोबार में कौन सा शेयर गिरेगा या कौन सी कंपनी का शेयर उछाल मारेगा। चित्रा भी शेयर बाजार से जुड़ी हर बात उससे साझा करती थी। इस बात का खुलासा हालही में शेयर बाजार को नियंत्रित करने वाली संस्था सेबी की रिपोर्ट में सामने आया है।

Share Market: चित्रा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
सेबी की रिपोर्ट आने के बाद से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की पूर्व सीईओ और एमडी चित्रा रामकृष्ण (Chitra Ramakrishna) मुश्किलें अब बढ़ती जा रही हैं। बीते 11 फरवरी को लगे 3 करोड़ रुपये के जुर्माने के बाद अब उनके मुंबई स्थित आवास पर इनकम टैक्स ने छापामारी की है। चित्रा रामकृष्ण पर NSE की गोपनीय जानकारी हिमालय में रहने वाले एक गुमनाम योगी के साथ साझा करने का आरोप है।
मामले की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि एनएसई में को-लोकेशन सुविधा के दुरुपयोग को लेकर जारी जांच से जुड़े नए तथ्यों के सामाने आने पर यह पूछताछ की गई। जांच एजेंसी ने रामकृष्ण और एक अन्य पूर्व सीईओ रवि नारायण और पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) आनंद सुब्रमण्यन के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया है, ताकि उन्हें देश छोड़ने से रोका जा सके।
4 साल तक रहीं एमडी और सीईओ
चित्रा का नाम देश की उन प्रख्यात महिलाओं में गिना जाता है, जिन्होंने एक अलग मुकाम हासिल किया। 1992 में एनएसई के संस्थापकों में वे भी थीं। पेशे से चार्टड अकाउंटेंट रह चुकीं चित्रा रामकृष्ण एनएसई में करीब 4 वर्ष तक बतौर एमडी और सीईओ के पद पर सेवाएं दे चुकीं हैं। आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि छापामारी का मकसद रामकृष्ण तथा अन्य के खिलाफ लगे कर चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच करना है। सेबी ने अपने आदेश में कहा था कि रामकृष्ण ने योगी के साथ विभागीय खुफिया जानकारियां साझा की थीं, जिनमें एनएसई की आर्थिक और कारोबारी योजनाएं शामिल हैं।

Share Market: योगी खुद मेल करता
भारत के वित्तीय नियामक सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) की रिपोर्ट के मुताबिक, एक तीसरा शख्स समय-समय पर चित्रा को सलाह देता रहता था। वह मेल के जरिए चित्रा से बात करता था। यह मेल आईडी [email protected] था। इस मेल के जरिए NSE के वरिष्ठ अधिकारी, लॉबी समेत तमाम मुद्दों पर समय-समय पर सलाह दी जाती थी। योगी खुद इस मेल को किया करता था।
Share Market: खास है आनंद सुब्रमण्यम की भूमिका
इस पूरी कड़ी में आनंद सुब्रमण्यम एक खास शख्स, जोकि 1 अप्रैल, 2013 को एनएसई में चीफ स्ट्रैटिजिक एडवाइजर के पद पर नियुक्त हुआ था। इसके बाद 1 अप्रैल 2015 से लेकर 21 अक्तूबर 2016 तक एनएसई के ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर और एमडी-सीईओ चित्रा सुब्रमण्यम के सलाहकार के पद पर भी काम कर चुका है।
आरेाप है कि तत्कालीन सीईओ चित्रा रामकृष्ण ने उन्हें एनएसई में चीफ स्ट्रैटिजिक ऑफिसर के पद पर भर्ती कर लिया। इतना ही नहीं, उन्हें 1.68 करोड़ रुपये का सैलरी पैकेज भी दिया गया। हफ्ते में उन्हें सिर्फ चार दिन ही काम करना होता था। जानकारी के मुताबिक चित्रा ने हिमालय योगी की सलाह पर आनंद को न केवल पदोन्नत किया, बल्कि उनका पैकेज 15 लाख रुपये सालाना से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये कर दिया।
बिना विज्ञापन हुई आनंद सुब्रमण्यम की सीधी भर्ती
एनएसई में आंनद सुब्रमण्यम की भर्ती सीधे चित्रा रामकृष्ण ने की। आरोप है कि इसके लिए स्टॉक एक्सचेंज के ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट से भी चर्चा नहीं की गई। एनएसई में भर्ती के लिए कोई विज्ञापन या नोटिस भी जारी नहीं हुआ था, न ही इस पद के लिए कोई और नाम सामने आए।
सुब्रमण्यम की भर्ती सीधे रामकृष्ण से इंटरव्यू के बाद हो गई थी। हालांकि, इस इंटरव्यू की कोई भी जानकारी सुब्रमण्यम की फाइल में नहीं मिली। जांच रिपोर्ट के अनुसार नियुक्ति के बाद सुब्रमण्यम की तनख्वाह और मुआवजे को अप्रत्याशित रूप से बढ़ाया गया। वित्त वर्ष 2017 में सुब्रमण्यम सलाहकार रहने के बावजूद एनएसई से 4.21 करोड़ रुपये तनख्वाह के तौर पर ले रहे थे। यह तनख्वाह एक्सचेंज के कई बड़े और वरिष्ठ अफसरों की तनख्वाह से भी ज्यादा थी।
पूछताछ पर सामने आया गुमनाम हिमालय योगी का नाम
इस मामले में जब सेबी ने चित्रा रामकृष्ण से एनएसई की गोपनीय जानकारियों को बाहर साझा करने पर सवाल पूछा, तो उन्होंने बताया कि rigyajursama नाम से बनी ईमेल आईडी एक सिद्धपुरुष/योगी की है। जोकि हिमालय में वर्षों से विचरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईमेल लिखने वाले योगी आध्यात्मिक शक्ति रखते हैं।
पिछले 20 वर्षों से उन्हें रास्ता दिखा रहे हैं और वे अपनी इच्छा के अनुसार ही प्रकट होंगे। सेबी ने इस मामले में जो आदेश दिया है, उसमें कहा गया कि चित्रा रामकृष्ण इस योगी से काफी प्रभावित थीं। इसी योगी ने ही चित्रा को ईमेल लिखे और उन्हें सुब्रमण्यम की भर्ती से लेकर उन्हें दी जाने वाली तनख्वाह तक के बारे में निर्देश दिए।
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