भारत में यदि आप नौकरी की तलाश कर रहे हैं और चाहते हैं कि आपकी जॉब न केवल सैलरी के मामले में बल्कि ग्रोथ और वर्क कल्चर के लिहाज से भी बेहतरीन हो, तो आपके लिए रैंडस्टैड एम्प्लॉयर ब्रांड रिसर्च (REBR) 2025 की रिपोर्ट मददगार हो सकती है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ग्रुप, गूगल इंडिया और इंफोसिस देश के शीर्ष तीन एम्प्लॉयर ब्रांड बनकर सामने आए हैं।
टॉप पर टाटा ग्रुप की बादशाहत बरकरार
रिपोर्ट बताती है कि टाटा ग्रुप ने न केवल अपनी मजबूत फाइनेंशियल पोजिशन के कारण, बल्कि करियर ग्रोथ और ब्रांड वैल्यू के मामले में भी युवाओं का भरोसा जीता है। गूगल इंडिया ने इस बार शानदार छलांग लगाते हुए दूसरा स्थान हासिल किया है, जबकि इंफोसिस ने तीसरे पायदान पर जगह बनाई है।
टॉप 10 कंपनियों में कौन-कौन?
2025 के टॉप-10 एम्प्लॉयर ब्रांड्स की सूची में बाकी कंपनियां कुछ इस प्रकार हैं:
सैमसंग इंडिया (चौथा स्थान)
जेपी मॉर्गन चेज (पांचवां स्थान)
IBM (छठा स्थान)
विप्रो (सातवां स्थान)
रिलायंस इंडस्ट्रीज (आठवां स्थान)
डेल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (नौवां स्थान)
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) (दसवां स्थान)
गौरतलब है कि SBI इस सूची में शामिल एकमात्र सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है।
युवा अब सिर्फ सैलरी नहीं, संतुलन और पहचान भी चाहते हैं
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि देश के युवा अब नौकरी चुनते समय केवल सैलरी नहीं देखते। वे ऐसे संस्थानों को प्राथमिकता देते हैं जहां वर्क-लाइफ बैलेंस, समान अवसर, और व्यक्तिगत विकास के लिए बेहतर माहौल मिले। रिपोर्ट 34 देशों में किए गए सर्वे पर आधारित है, जिसमें भारत से 3,500 से अधिक लोगों की राय भी शामिल की गई।
AI का बढ़ता प्रभाव और जॉब बदलने का ट्रेंड
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में लगभग 47 प्रतिशत प्रोफेशनल्स ने अपनी नौकरी बदलने का मन बनाया। खासतौर पर Gen Z (51%) और मिलेनियल्स (50%) एम्प्लॉयर बदलने को लेकर सबसे ज्यादा उत्साहित नजर आए। इसके अलावा, AI का प्रभाव भी तेजी से बढ़ रहा है। भारत में 61 प्रतिशत कर्मचारी अब अपने काम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने लगे हैं। सबसे ज्यादा AI यूजर्स मिलेनियल्स हैं, जिनकी संख्या पिछले साल के मुकाबले 13 प्रतिशत बढ़ी है।
38% कर्मचारियों का मानना है कि AI ने उनके काम की प्रकृति को काफी हद तक प्रभावित किया है।









