उत्तर प्रदेश के तीर्थों में ही सनातन मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है: CM योगी

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गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन परंपरा, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक विरासत पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पावन तीर्थ केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे सनातन मूल्यों, मर्यादा और आध्यात्मिक जीवन को समझने का सबसे बड़ा माध्यम भी हैं।

गोरखनाथ मंदिर स्थित दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में व्यासपीठ पूजन के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मनुष्य के जीवन में ज्ञान और भक्ति का विशेष महत्व है। भक्ति के अभाव में जीवन अज्ञान, अराजकता और अंधकार की ओर बढ़ता है, जबकि श्रीराम कथा और श्रीमद्भागवत जैसी दिव्य कथाएं व्यक्ति को आध्यात्मिक ज्ञान और जीवन की सही दिशा प्रदान करती हैं।

‘हर सनातनी की सांसों में बसते हैं प्रभु श्रीराम’

मुख्यमंत्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम का नाम हर सनातनी के जीवन और आस्था से गहराई से जुड़ा है। चाहे बालक हो, युवा, वृद्ध, गृहस्थ या संन्यासी—हर व्यक्ति भगवान श्रीराम को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा मानता है।

उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों का अभिवादन ‘जय श्रीराम’ या ‘राम-राम जी’ जैसे शब्दों से होता है, जो केवल अभिवादन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन संस्कारों की पहचान हैं।

उत्तर प्रदेश के तीर्थों की बताई विशेषता

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि यहां अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे विश्वप्रसिद्ध धार्मिक स्थल स्थित हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या मर्यादा का संदेश देती है, काशी जीवन और आध्यात्मिक ज्ञान का मार्ग दिखाती है, मथुरा-वृंदावन भक्ति का स्वरूप समझाते हैं और प्रयागराज समरसता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि दुनिया में चाहे जितना दुष्प्रचार किया जाए, सनातन संस्कृति और उसके मूल्यों को सही रूप में समझने का अवसर उत्तर प्रदेश के इन पवित्र तीर्थों में ही मिलता है।

भक्ति और ज्ञान को बताया जीवन का आधार

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे जीवन में भक्ति, ज्ञान और संस्कारों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मार्ग ही व्यक्ति को अज्ञान और नकारात्मकता से मुक्त कर समाज और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करता है।