वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 बना जन आंदोलन, यूपी में रिकॉर्ड 40 करोड़ पौधे रोपे गए; सोनभद्र रहा अव्वल

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उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में चलाया गया ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ इस वर्ष एक बड़े जन आंदोलन के रूप में सामने आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेशभर में करीब 40 करोड़ पौधों का रोपण किया गया। इस महाअभियान में सभी सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

प्रदेश के सभी मंडलों और जिलों में एक साथ हुए इस अभियान ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता का संदेश दिया। सरकार का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि हरित क्षेत्र बढ़ाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण तैयार करना भी है।

वन विभाग ने निभाई सबसे बड़ी जिम्मेदारी

महाअभियान में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने सबसे अधिक 15.42 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण कर पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद ग्राम्य विकास विभाग ने 10.56 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। कृषि, उद्यान और पंचायती राज विभागों ने भी निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया।

सरकार का कहना है कि विभिन्न विभागों के समन्वय और जनसहभागिता के कारण यह अभियान प्रदेश के सबसे बड़े पर्यावरणीय अभियानों में शामिल हो गया है।

सोनभद्र बना नंबर-1 जिला

जिलावार प्रदर्शन में सोनभद्र ने पूरे प्रदेश में सबसे अधिक 1.68 करोड़ पौधे लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया। इसके बाद ललितपुर, झांसी, लखीमपुर खीरी और जालौन क्रमशः दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर रहे।

सरकार के अनुसार इन जिलों में प्रशासन, स्थानीय संस्थाओं और आम लोगों की सक्रिय भागीदारी ने अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

शीशम और सागौन रहे सबसे पसंदीदा पौधे

इस वर्ष लगाए गए पौधों में इमारती और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई। सबसे अधिक 4.67 करोड़ शीशम के पौधे लगाए गए। इसके बाद सागौन (4.13 करोड़), जामुन (2.28 करोड़), अमरूद (1.80 करोड़) और अर्जुन (1.51 करोड़) के पौधों का रोपण किया गया।

फलदार और छायादार प्रजातियों को बढ़ावा देने का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जैव विविधता और ग्रामीण आजीविका को भी मजबूत करना है।

हरित भविष्य की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर पौधरोपण तभी प्रभावी होगा, जब इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। राज्य सरकार ने संबंधित विभागों को पौधों की निगरानी, सिंचाई और सुरक्षा के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए हैं।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की यह पहल प्रदेश को हरित और संतुलित पारिस्थितिकी की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।

Top-5 सर्वाधिक पौधरोपण करने वाले विभाग

विभागपौधों की संख्या
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन15,42,19,413
ग्राम्य विकास10,56,85,704
कृषि3,26,90,527
उद्यान1,52,02,219
पंचायती राज1,13,38,290

Top-5 सर्वाधिक पौधरोपण करने वाले जिले

जनपदपौधों की संख्या
सोनभद्र1,68,47,717
ललितपुर93,63,495
झांसी93,06,615
लखीमपुर खीरी92,51,800
जालौन88,08,435

सबसे अधिक रोपी गई 5 प्रमुख प्रजातियां

प्रजातिसंख्या
शीशम4,67,38,099
सागौन4,13,99,061
जामुन2,28,46,329
अमरूद1,80,74,031
अर्जुन1,51,75,482