US–Israel vs Iran War: इजराइल का बड़ा दावा – ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी एयरस्ट्राइक में मारे गए, तेहरान में भारी तबाही

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US–Israel vs Iran War: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच इजराइल ने एक बड़ा दावा किया है। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि ईरान में किए गए एक एयरस्ट्राइक में देश के शक्तिशाली सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी की मौत हो गई है।

इजराइल के मुताबिक यह हमला ईरान की राजधानी तेहरान में किया गया था और इसका निशाना उच्च स्तरीय सैन्य नेतृत्व था। हालांकि इस दावे की अभी तक ईरान सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बसीज फोर्स कमांडर की मौत का भी दावा

इजराइली रक्षा बल (IDF) ने यह भी दावा किया है कि एक अलग सैन्य कार्रवाई में ईरान की बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गोलामरेजा सुलेमानी को भी मार गिराया गया है।

बसीज बल ईरान की सुरक्षा संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है और यह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ मिलकर काम करता है। अगर इन दावों की पुष्टि होती है तो यह ईरानी सैन्य नेतृत्व के लिए बड़ा झटका माना जाएगा।

तेहरान में भारी तबाही का दावा

तेहरान में जारी हमलों के बीच शहर के गवर्नर मोहम्मद सादेग मोतमदियान ने बताया कि एयरस्ट्राइक के कारण राजधानी में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अब तक करीब 12,000 इमारतें क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। कई आवासीय इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित लोगों से कहा गया है कि वे नगर निगम कार्यालय में जाकर मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं।

ट्रंप की चेतावनी: परमाणु हथियार दुनिया के लिए खतरा

इस बीच अमेरिका ने भी ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान परमाणु हथियार हासिल करता है तो यह पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा होगा।

ट्रंप ने दावा किया कि सैन्य दबाव के कारण ईरानी नेतृत्व की ताकत कमजोर पड़ रही है और अगले कुछ हफ्तों में स्थिति और बदल सकती है।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इस रुख का समर्थन करते हुए कहा कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।

लेबनान में इजराइल का ग्राउंड ऑपरेशन तेज

संघर्ष का दायरा केवल ईरान तक सीमित नहीं है। इजराइल ने लेबनान के दक्षिणी हिस्से में अपने ग्राउंड ऑपरेशन को और आगे बढ़ा दिया है।

इजराइली सेना के अनुसार इस अभियान में अब डिवीजन 36 को भी शामिल किया गया है। सेना का कहना है कि इन ऑपरेशनों का लक्ष्य हिजबुल्लाह के ठिकानों और हथियारों को खत्म करना है, जिन्हें वह अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है।

पूरे क्षेत्र में बढ़ा तनाव

इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर कर दिया है। कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और यात्रा से बचने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और गहराता है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की निगाहें इस युद्ध के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।