तीन दिवसीय साइबर सुरक्षा सेमिनार का आगाज, CJI सूर्यकांत बोले– मेरे नाम से बन रही फर्जी साइट्स, साइबर अपराध आज वैश्विक समस्या…

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राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर जयपुर में शुक्रवार से तीन दिवसीय साइबर सुरक्षा सेमिनार की शुरुआत हुई। “साइबर सुरक्षा: संरक्षण, जागरूकता और न्याय तक पहुंच” विषय पर आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।

CJI जस्टिस सूर्यकांत का बड़ा बयान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि साइबर अपराध आज एक वैश्विक चुनौती बन चुका है, जिसकी कोई भौगोलिक सीमा नहीं है। उन्होंने चिंता जताते हुए बताया कि उनके नाम से भी फर्जी वेबसाइट्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स बनाए जा रहे हैं, जो इस खतरे की गंभीरता को दर्शाता है। CJI ने कहा कि साइबर अपराध से निपटने के लिए केवल कानून ही नहीं, बल्कि सामूहिक जागरूकता और तकनीकी समझ भी जरूरी है।

राजस्थान में बनेगा साइबर कोर्ट: CM भजन लाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सेमिनार में घोषणा की कि राजस्थान में जल्द ही विशेष साइबर कोर्ट की स्थापना की जाएगी, ताकि साइबर अपराध से जुड़े मामलों का त्वरित और प्रभावी निपटारा हो सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में अपराध के तरीके बदल रहे हैं और न्याय व्यवस्था को भी उसी गति से खुद को सशक्त करना होगा।

राजस्थान HC की नई पहल

इस अवसर पर राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की नई पहलों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान ई-समाधान (डिजिटल मेडिएशन प्लेटफॉर्म), कानूनी पुस्तकों और हैंडबुक्स का भी लोकार्पण किया गया, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को डिजिटल माध्यम से न्याय तक आसान पहुंच देना है।

जागरूकता पर जोर

सेमिनार में विशेषज्ञों ने बताया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए आम लोगों को डिजिटल लेन-देन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन पहचान की सुरक्षा को लेकर सजग रहना बेहद जरूरी है। अगले तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में वकीलों, न्यायिक अधिकारियों, छात्रों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।

कुल मिलाकर, यह सेमिनार न सिर्फ साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों पर प्रकाश डालता है, बल्कि न्याय प्रणाली को तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।