Union Budget 2026-27: भारत सरकार का आगामी यूनियन बजट 2026-27 भारतीय रेलवे के लिए एक बार फिर निर्णायक साबित हो सकता है। बीते कुछ वर्षों में जिस तरह से रेलवे को लगातार रिकॉर्ड आवंटन मिलता रहा है, उसी ट्रेंड के जारी रहने की उम्मीद इस बार भी जताई जा रही है। जानकारों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय रेलवे के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को स्थिर रखते हुए इसमें हल्की बढ़ोतरी कर सकता है। अनुमान है कि रेलवे के लिए कुल बजट आवंटन ₹2.65 लाख करोड़ से बढ़कर ₹2.8 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 8 से 9 प्रतिशत की बढ़त होगी।
कैपेक्स में निरंतरता, इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का मुख्य फोकस रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने, सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने पर रहेगा। ट्रैक अपग्रेडेशन, ब्रिज रिन्यूअल, स्टेशन रिडेवलपमेंट और रोलिंग स्टॉक के आधुनिकीकरण के लिए पर्याप्त फंडिंग का प्रावधान किया जा सकता है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की तैयारी
लंबी दूरी की यात्राओं को नए स्तर पर ले जाने के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की शुरुआत एक बड़ा कदम हो सकता है। बजट में लगभग 20 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की घोषणा की उम्मीद जताई जा रही है। ये 24-कोच वाली आधुनिक ट्रेनें बेहतर बर्थ डिजाइन, एसी पैंट्री, फायर सेफ्टी, सीसीटीवी और कवच इंटीग्रेशन जैसी सुविधाओं से लैस होंगी, जो भविष्य में राजधानी और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों का विकल्प बन सकती हैं।
AI और स्मार्ट रेलवे ऑपरेशंस
डिजिटल इंडिया मिशन के अनुरूप रेलवे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकता है। सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्टेशन मॉनिटरिंग और मेंटेनेंस में AI आधारित समाधान लागू कर ट्रेनों की समयबद्धता, स्पीड और क्षमता बढ़ाने पर जोर रहेगा।
सीनियर सिटीजन कंसेशन की वापसी की उम्मीद
कोविड महामारी के बाद 2020 से बंद सीनियर सिटीजन टिकट छूट को बहाल करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। बजट 2026-27 में मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में 40–50 प्रतिशत रियायत की वापसी का ऐलान लाखों बुजुर्ग यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।
ग्रीन रेलवे की दिशा में हाइड्रोजन ट्रेनें
रेलवे को पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन आधारित ट्रेनों पर भी बजट में खास फोकस रह सकता है। पायलट प्रोजेक्ट्स को कमर्शियल स्तर तक ले जाने के लिए नीतिगत समर्थन और अतिरिक्त फंडिंग की उम्मीद है।
‘कवच’ सिस्टम का बड़े पैमाने पर विस्तार
रेलवे सुरक्षा के लिहाज से स्वदेशी एंटी-कॉलिजन सिस्टम ‘कवच’ को बजट 2026-27 में खास तवज्जो मिलने की संभावना है। कवच 4.0 और 5.0 वर्जन को देश के व्यस्त और हाई-रिस्क रूट्स पर तेजी से लागू करने के लिए अतिरिक्त फंडिंग दी जा सकती है। सरकार का लक्ष्य दुर्घटनाओं की संख्या को न्यूनतम करना और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है।
कुल मिलाकर, बजट 2026-27 में कैपेक्स की निरंतरता से वंदे भारत, कवच, AI और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे प्रोजेक्ट्स को नई गति मिल सकती है, जिससे भारतीय रेलवे न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूती दर्ज कराएगा।









