Electoral Bond Case: चुनावी बॉन्ड केस में सुप्रीम कोर्ट की SBI को फटकार, जारी किया नोटिस

0
19

चुनावी बॉन्ड मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने बैंक से पूछा है कि बॉन्ड नंबरों का खुलासा क्यों नहीं किया और अब तक बैंक ने अल्फा न्यूमिरिक नंबर क्यों नहीं बताया? अदालत ने SBI को को फटकार लगाते हुए बॉन्ड नंबर का खुलासा करने का आदेश दिया है। अदालत का आदेश है कि सील कवर में रखा गया डेटा चुनाव आयोग को दिया जाए, क्योंकि उनको इसे अपलोड करना है। SC का कहना है कि बॉन्ड नंबरों से पता चलेगा कि किस दानदाता ने किस पार्टी को चंदा दिया। मामले में अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी।

आपको बता दें, इलेक्टोरल बॉन्ड 1 लाख रुपये, 10 लाख रुपये और 1 करोड़ रुपये के खरीदे गए हैं। जानकारी के मुताबिक ये पता लगाने का कोई तरीका नहीं है कि किस कंपनी ने किस पार्टी को डोनेशन दिया है। सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ ने 15 फरवरी को इलेक्टोरल बॉन्ड की बिक्री पर रोक लगा दी थी।

SBI ने मंगलवार की शाम 5.30 बजे चुनाव आयोग को डेटा सौंप दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने गुरुवार को इसे सार्वजनिक किया। पहली लिस्ट में इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वालों की डिटेल और दूसरी लिस्ट में राजनीतिक पार्टियों को मिले बॉन्ड का ब्यौरा है। चुनाव आयोग की वेबसाइट में अपलोड की गई सारी जानकारी 3 मूल्यवर्ग के बॉन्ड की खरीद से जुड़ी है। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने बैंक को फटकार लगाई थी और 12 मार्च शाम तक यह डिटेल देने का निर्देश दिया था। आपको बता दें कि इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए राजनीतिक दलों को चंदा देने वालों में टोरेंट पावर, भारती एयरटेल, डीएलएफ कमर्शियल डेवलपर्स, वेदांता लिमिटेड भी शामिल हैं. ग्रासिम इंडस्ट्रीज, मेघा इंजीनियरिंग, पीरामल एंटरप्राइजेज ने भी राजनीतिक दलों को चंदा दिया है।

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने सुनवाई के दौरान ये आदेश दिया। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने पूछा कि एसबीआई की तरफ से कौन पेश हो रहा है। उन्होंने कहा कि एसबीआई ने पूरे नंबर का खुलासा नहीं किया है। यूनिक नंबर का खुलासा होना चाहिए था। इसको SBI को जानकारी देनी होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here