मेरठ में सौरभ हत्याकांड को लेकर पुलिस की बड़ी चूक सामने आई है। हत्या के बाद दोनों महत्वपूर्ण क्राइम सीन पूरी तरह से सील नहीं किए गए, जिससे बाहरी लोगों की आवाजाही बनी रही। इस लापरवाही के चलते सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका जताई जा रही है।
सौरभ की हत्या बेहद नृशंस तरीके से की गई थी। उसके शरीर के चार टुकड़े किए गए थे—सिर और दोनों हाथ धड़ से अलग कर दिए गए थे। इसके बाद शव को एक ड्रम में डालकर सीमेंट से ढंक दिया गया था, ताकि हत्या का राज खुल न सके। इस खौफनाक वारदात का पहला क्राइम सीन सौरभ और मुस्कान का घर था, जहां हत्या को अंजाम दिया गया। दूसरा स्थान हत्यारोपी साहिल का कमरा था, जहां पूरी रात कटा हुआ सिर और हाथ रखे रहे।
क्राइम सीन खुला, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
हत्या के तीन दिन बाद पुलिस ने सौरभ के घर का ताला खोला, जिसके बाद वहां बाहरी लोगों का प्रवेश हुआ। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस की मौजूदगी में ऐसा कैसे हुआ? इसी तरह, साहिल के कमरे को भी सही तरीके से सील नहीं किया गया था, और वहां भी बाहरी लोगों की आवाजाही देखी गई। इस चूक पर सवाल उठाते हुए मेरठ एसएसपी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और ब्रह्मपुरी थाने के इंस्पेक्टर के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्य आरोपियों ने वकील की मांग की
इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी साहिल और मुस्कान को जेल में रखा गया है। अब दोनों ने अपने केस के लिए वकील की मांग की है। इसके लिए उन्होंने जेल प्रशासन को लिखित आवेदन दिया, जिसे कोर्ट भेजा गया है।
सौरभ की हत्या का मामला अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है। पुलिस इस जघन्य अपराध के पीछे के मकसद और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी है। वहीं, सौरभ के परिवारवालों ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।