मोदी–मैक्रों वार्ता: मुंबई में आज अहम द्विपक्षीय बैठक, राफेल सौदे से लेकर नवाचार वर्ष 2026 तक चर्चा

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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) भारत यात्रा पर मुंबई पहुंच चुके हैं। हवाई अड्डे पर उनका स्वागत महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच आज मुंबई में द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। बैठक को भारत–फ्रांस संबंधों के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें रक्षा, उभरती तकनीक, नवाचार, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात जैसे मुद्दे एजेंडे में शामिल हैं।

राष्ट्रपति मैक्रों की यह यात्रा 19 फरवरी तक चलेगी और प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर उनकी चौथी भारत यात्रा है। इस दौरान दोनों नेता भारत–फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 का औपचारिक शुभारंभ भी करेंगे, जिसका उद्देश्य स्टार्ट-अप सहयोग, उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नई तकनीकों में संयुक्त पहलों को गति देना है।

रक्षा और सामरिक साझेदारी पर फोकस

सूत्रों के मुताबिक, वार्ता का सबसे बड़ा सामरिक आकर्षण 114 राफेल लड़ाकू विमानों का संभावित मेगा रक्षा सौदा हो सकता है। करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये के इस प्रस्ताव को हाल ही में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) से मंजूरी मिली है। यदि यह सौदा आगे बढ़ता है, तो यह भारत–फ्रांस रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देगा और भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को मजबूत करेगा।

इसके अलावा हिंद–प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, संयुक्त नौसैनिक अभ्यास, खुफिया साझेदारी, अंतरिक्ष सहयोग और परमाणु ऊर्जा जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

AI और नवाचार में नई पहल

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में भी संयुक्त रूप से भाग लेंगे। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और साइबर सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। भारत–फ्रांस नवाचार फोरम के तहत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम, अनुसंधान परियोजनाओं और उच्च शिक्षा में साझेदारी के ठोस फैसले लिए जा सकते हैं।

दौरे के विशेष इंतजाम

मैक्रों के मुंबई प्रवास को देखते हुए दक्षिण मुंबई में यातायात के विशेष इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रपति मैक्रों के साथ प्रथम महिला ब्रिजेट मैक्रों (Brigitte Macron) भी भारत यात्रा पर हैं।

कुल मिलाकर, यह यात्रा भारत–फ्रांस की सक्रिय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने वाली मानी जा रही है। रक्षा सौदे से लेकर तकनीकी सहयोग तक, दोनों देशों के रिश्तों में इस दौरे के बाद नई गति देखने को मिल सकती है।