Induction vs Infrared Cooktop: LPG संकट के बीच कौन सा कुकटॉप है बेहतर? बिजली खपत से लेकर सेफ्टी तक जानें सबकुछ

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Induction vs Infrared Cooktop: देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर पैदा हुई चिंता के बाद अब कई लोग खाना पकाने के लिए वैकल्पिक विकल्प तलाशने लगे हैं। इसी वजह से पिछले एक सप्ताह में इंडक्शन और इंफ्रारेड कुकटॉप जैसे इलेक्ट्रिक किचन उपकरणों की मांग अचानक बढ़ गई है।

बाजार के जानकारों के मुताबिक बढ़ती मांग के कारण इन उपकरणों की कीमतों में भी कुछ हद तक बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि कीमत और काम करने के तरीके के लिहाज से इंडक्शन और इंफ्रारेड कुकटॉप्स के बीच कई महत्वपूर्ण अंतर हैं, जिन्हें समझना जरूरी है।

इंडक्शन कुकटॉप कैसे काम करता है?

इंडक्शन कुकटॉप एक खास प्रकार की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तकनीक से काम करता है। इसमें कुकटॉप के अंदर कॉइल के माध्यम से चुंबकीय ऊर्जा पैदा होती है, जो सीधे बर्तन को गर्म करती है।

इस तकनीक में कुकटॉप की सतह बहुत ज्यादा गर्म नहीं होती और ऊर्जा सीधे बर्तन तक पहुंचती है, जिससे खाना जल्दी पकता है और बिजली की बचत भी होती है।

इंफ्रारेड कुकटॉप की तकनीक

इंफ्रारेड कुकटॉप में हीटिंग एलिमेंट और रेडिएशन तकनीक का इस्तेमाल होता है। इसमें कुकटॉप की सतह गर्म हो जाती है और वही गर्मी बर्तन तक पहुंचती है।

इसका फायदा यह है कि इसमें लगभग सभी तरह के बर्तन इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जबकि इंडक्शन में केवल फेरोमैग्नेटिक बर्तन यानी स्टील या आयरन बेस वाले बर्तन ही काम करते हैं।

बिजली खपत में कौन बेहतर

बिजली की खपत के मामले में आमतौर पर इंडक्शन कुकटॉप ज्यादा ऊर्जा कुशल (Energy Efficient) माना जाता है।

अधिकांश इंडक्शन कुकटॉप 1200W से 2000W के बीच होते हैं और इनमें तापमान और पावर को नियंत्रित करने के कई विकल्प मिलते हैं। वहीं इंफ्रारेड कुकटॉप आमतौर पर 2000W से 2200W तक बिजली खपत करते हैं।

सेफ्टी के मामले में कौन आगे

सुरक्षा के लिहाज से भी इंडक्शन कुकटॉप को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इसमें कई आधुनिक फीचर्स होते हैं जैसे:

  • ऑटो शटडाउन
  • ओवरहीट प्रोटेक्शन
  • चाइल्ड लॉक
  • पैन डिटेक्शन सिस्टम
  • वहीं इंफ्रारेड कुकटॉप की सतह काफी गर्म हो जाती है, जिससे जलने का खतरा थोड़ा ज्यादा हो सकता है।

कीमत और इस्तेमाल में अंतर

कीमत के मामले में इंडक्शन कुकटॉप अक्सर इंफ्रारेड के मुकाबले थोड़े सस्ते होते हैं। इसके अलावा इंडक्शन तेजी से खाना पकाने में सक्षम होते हैं, जिससे समय और बिजली दोनों की बचत होती है।

हालांकि, अगर आपके घर में ऐसे बर्तन ज्यादा हैं जो इंडक्शन पर काम नहीं करते, तो इंफ्रारेड कुकटॉप बेहतर विकल्प हो सकता है।

खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान

अगर आप इलेक्ट्रिक कुकटॉप खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

  • कम से कम 1800W–2000W पावर वाला मॉडल लें
  • ऑटो सेफ्टी फीचर्स जरूर देखें
  • अच्छी ब्रांड और वारंटी वाले प्रोडक्ट चुनें
  • अपने किचन के बर्तनों के हिसाब से विकल्प तय करें
  • बदलती रसोई की जरूरतें

LPG गैस पर निर्भरता कम करने और बिजली आधारित उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल के कारण अब इंडक्शन और इंफ्रारेड कुकटॉप धीरे-धीरे भारतीय रसोई का हिस्सा बनते जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऊर्जा दक्ष और स्मार्ट किचन उपकरणों की मांग और भी तेजी से बढ़ सकती है।