PM मोदी का मलेशिया दौरा: दूसरे दिन रणनीतिक साझेदारी को नई रफ्तार, 6 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर

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PM Modi Malaysia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के मलेशिया दौरे का आज दूसरा दिन है और यह यात्रा कई मायनों में खास मानी जा रही है। अगस्त 2024 में भारत और मलेशिया के रिश्तों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा मिलने के बाद यह पीएम मोदी की पहली आधिकारिक मलेशिया यात्रा है। दौरे के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं।

कुआलालंपुर (Kuala Lumpur) पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया भारत को एक भरोसेमंद विकास साझेदार के रूप में देख रही है। उन्होंने इस विश्वास को हालिया अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों से जोड़ते हुए कहा कि ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे प्रमुख वैश्विक साझेदारों के साथ हुए समझौते भारत की आर्थिक विश्वसनीयता को दर्शाते हैं। पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे भारत और मलेशिया के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक सेतु का काम कर रहे हैं।

दौरे के दूसरे दिन रविवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम (Anwar Ibrahim) के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस बैठक में सुरक्षा, व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों समेत कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। खास तौर पर दोनों देशों के बीच लंबे समय से चर्चा में रहे कुछ संवेदनशील मुद्दों पर भी बातचीत हुई, जिनमें कानूनी सहयोग और प्रत्यर्पण से जुड़े सवाल शामिल बताए जा रहे हैं।

इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान भारत और मलेशिया के बीच कुल छह समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य व्यापार को बढ़ावा देना, रक्षा सहयोग को मजबूत करना और तकनीक व शिक्षा के क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाना है। दोनों नेताओं ने इन करारों को भविष्य की साझी प्रगति का आधार बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में कहा कि भारत–मलेशिया संबंध ‘इम्पैक्ट’ यानी साझा बदलाव और समावेशी विकास की भावना पर आधारित हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देश एक-दूसरे की सफलता को अपनी सफलता मानते हैं और यही सोच इस साझेदारी को मजबूती देती है।

वहीं, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भारत को मलेशिया का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और रणनीतिक साझेदार बताते हुए दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों को याद किया। उन्होंने पीएम मोदी को अपना मित्र बताते हुए कहा कि भारत और मलेशिया के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि आपसी विश्वास और साझा मूल्यों पर टिके हैं।

कुल मिलाकर, यह दौरा भारत–मलेशिया संबंधों को नई दिशा देने वाला साबित हो रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच सहयोग और गहरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।


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