पूर्व एस्ट्रोनॉट और नासा के प्रमुख बिल नेल्सन का कहना है कि इस ब्रह्मांड में इंसान अकेले नहीं रहते है। इनके अलावा और भी जीव रहते होंगे। जिसको हम बुद्धिमान जीव कहते हैं। या आम भाषा में एलियन बोलते है। मगर एक दिन ऐसा जरूर होगा जब इंसान इन एलियन से मिलेगा।
यह बयान बिल नेल्सन का पेंटागन द्वारा एलियन यानों पर दी गई रिपोर्ट के हफ्ते बाद सामने आया है। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि एलियन यानों की पुष्टि नहीं की जा सकती, मनर के नासा चीफ कह रहे हैं कि ब्रह्मांड में दूसरे जीव है।

नासा चीफ बिल नेल्सन एक चैनल के साथ इंटरव्यू में कहा कि ब्रह्मांड के किसी कोने में दूसरी दुनिया के लोग रहते हैं। धरती के अलावा भी कुछ ग्रहों पर इंटेलिजेंट जीवन का वास जरूर है। नासा लगातार इन चीजों पर नजर लगा कर बैठी है।. साथ ही अंतरिक्ष से आने वाले सिग्नलों, संदेशों और एलियन यानों की घटनाओं पर नजर है

बिल नेल्सन का कहना है कि जब आपके सामने 13.5 बिलियन साल पुराना ब्रह्मांड हो तो इस बात की पूरी संभावना है कि दूसरे सूरज भी होंगे। दूसरी धरती भी हो सकती है। हमारे जैसा वायुमंडल भी होगा. बस देर इस बात की है कि हमें वहां से कोई संदेश या सिग्नल मिले. यह बात तो तय है कि एक समय ऐसा आएगा जब इंसान दूसरे ग्रह के इंटेलिजेंट लाइफ से संपर्क स्थापित करेगा. फिर यह संबंध लंबा रहेगा।

अमेरिकी स्पेस नासा लगातार अपने सौर मंडल, उससे बाहर के ग्रहों और तारों में ऐसे इंटेलिजेंट लाइफ को खोजने का पूरी तरह से काम कर रही है। साथ ही नासा अन्य सूरज और रहने लायक ग्रहों की भी खोज रही है। अभी 5 जुलाई यानी सोमवार को मंगल ग्रह पर नासा के इंजीन्यूटी हेलिकॉप्टर ने अपनी नौवीं उड़ान ली. यह उड़ान अब तक की सबसे लंबी है। यह ज्यादा दूरी और स्पीड वाली उड़ान थी.
बता दें कि 25 जून को अमेरिका की रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने एक रिपोर्ट जारी किया था, जिसमें बताया था कि एलियन यान यानी UFO के बारे में पूरी जानकारी नहीं है. पेंटागन की रिपोर्ट में कहा गया कि साल 2004 से 2021 के बीच एलियन यानों के दिखने की 144 घटनाएं हुई हैं।

धरती के चारों तरफ मौजूद 1715 तारों के चारों तरफ एलियंस चक्कर लगाते है। ये तारे धरती से 325 प्रकाश वर्ष की दूरी के अंदर है। वैज्ञानिकों ने सौर मंडल का सर्वे किया उसके बाद यह दावा किया की इनमें से 1402 तारे ऐसे हैं जहां से एलियंस सीधे धरती पर देखते हैं। साथ ही 75 तारे ऐसे हैं जो धरती की ओर से भेजे गए रेडियो किरणों को पकड़ रहे है।