भारतीय फिल्मों में दिखाए गए अहम सीन या तस्वीर पर भारतीय भले न अमल करें लेकिन पड़ोसी देश जरूर अमल करता है। भारतीय फिल्मों को चीन इतने गौर से देखता है कि, बॉलीवुड मूवी उरी में जिस गरुड़ ड्रोन से आंतकियों की जासूसी कराई गई थी, उसे हकीकत में चीन ने बना लिया है।

इस गरुड़ ड्रोन को बनाया है चीन के गुआंग्सी यूनिवर्सिटी और निजी फर्म बी-ईटर टेक्नोलॉजी के इंजीनियरों ने मिलकर। बता दें कि, उरी फिल्म में एक युवा वैज्ञानिक ने इसे खेल-खेल में बनाकर सर्जिकल स्ट्राइक में सेना की मदद के लिए उपयोग किया था। ये सच है, ऐसे रोबोट्स का उपयोग इस तरह के कामों में किया जा सकता है।

चीन के गुआंग्सी यूनिवर्सिटी और बी-ईटर टेक्नोलॉजी के इंजीनियरों ने इस गरुड़ ड्रोन की बॉडी फ्रेम बनाने के लिए एल्यूमिनियम ज्वाइंट्स का उपयोग किया है। इसके अलावा थ्री-डी प्रिंटेड प्लास्टिक पार्ट्स लगाए गए हैं।

गरुड़ के पंखों में थ्री-डी प्रिंटेड प्लास्टिक पार्ट्स हैं। उन्हें ऊपर से फोम और असली बत्तख के पंख लगाए गए हैं। ताकि दुश्मन की नजर में ये किसी पक्षी जैसा ही लगे। गुआंग्सी यूनिवर्सिटी की वैज्ञानिकों ने इससे ज्यादा जानकारी मीडिया के साथ शेयर नहीं की है।

आपको बता दें कि पक्षियों के आकार में ड्रोन बनाने की विधा को ऑर्निटहॉप्टर कहते हैं। इसमें कोशिश की जाती है कि रोबोटिक ड्रोन के पंख फड़फड़ाएं। या वो चमगाडदड़ों और कीड़ों की तरह उड़कर दिखाए। इसमें दो प्रकार के ड्रोन बनाए जाते हैं।

गरुड़ ड्रोन जैसे ऑर्निटहॉप्टर के जरिए हवाई निगरानी का काम सबसे ज्यादा किया जाता है। इनकी आंखों और शरीर के निचले हिस्से में लगे कैमरे से काफी दूर तक की तस्वीरें ली जा सकती हैं। साथ ही वीडियो भी बनाए जा सकते हैं।

ऑर्निटहॉप्टर का काम सिर्फ जासूसी या निगरानी में ही नहीं होता। अब साइंटिस्ट्स इसके जरिए सामान उठाने वाले ड्रोन्स भी बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ताकि घनत्व वाले इलाकों यानी हाईराइज इमारतों के बीच से भी कोरियर या सामान को तय लोकेशन तक पहुंचाया जा सके।

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