Balasore Train Accident:शुक्रवार 2 जून शाम में ओडिशा के बालासोर में भीषण ट्रेन हादसा हो गया। इस हादसे के 46 घंटे से ऊपर हो चुके हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालासोर में हुए ट्रेन हादसे में अभी तक 275 लोगों की मौत हुई है वहीं 1000 से अधिक लोग जख्मी हुए हैं। फिलहाल दुर्घटना वाली जगह पर मरम्मत का कार्य चल रहा है। इस बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि बालासोर ट्रेन हादसे में सीबीआई जांच के लिए सिफारिश की गई है। रेल मंत्री ने कहा,”रेलवे बोर्ड की तरफ से इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है।”

Balasore Train Accident:मृतकों के परिवार वालों से किया जा रहा है संपर्क- रेल मंत्री
बालासोर ट्रेन हादसे ने देश ही नहीं पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। दुनिया के तमाम बड़े नेताओं के द्वारा इस घटना को लेकर दुख व्यक्त किया जा रहा है। देश में इस हादसे से शोक की लहर व्याप्त है। कई लोगों की जिंदगियां इस हादसे में तबाह हो गई हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस घटना को लेकर ताजा अपडेट दिया है।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए रेल मंत्री ने कहा,”दो लाइन में पटरी की मरम्मत का काम लगभग हो गया है। इस हादसे में जिन लोगों की मृत्यु हुई है उनके परिवार से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।” उन्होंने इस मामले में सीबीआई जांच की बात कही है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा,”अब तक जो जानकारी मिली है उसके बाद रेलवे बोर्ड की तरफ से इस मामले की CBI जांच की सिफारिश की गई है।”
सिर्फ कोरोमंडल एक्सप्रेस हादसे की शिकार हुई- रेलवे बोर्ड
बालासोर ट्रेन हादसे को लेकर रेलवे बोर्ड ने आज प्रेस वार्ता की। रेलवे बोर्ड की संचालन और व्यवसाय विकास सदस्य जया वर्मा सिन्हा ने कहा,”रेलवे ने हादसे के बाद सबसे पहले राहत और बचाव कार्य किया उसके बाद मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। बहानागा स्टेशन पर 4 लाइने हैं। इसमें 2 मेन लाइन है। लूप लाइन पर एक माल गाड़ी थी। स्टेशन पर ड्राइवर को ग्रीन सिग्नल मिली थी। दोनों गाड़ियां अपने पूरे गति पर चल रही थी। प्रारंभिक जांच में लग रहा है कि सिग्नल में गड़बड़ी हुई है। घटना की चपेट में सिर्फ कोरोमंडल एक्सप्रेस आई थी।”
उन्होंने बताया कि यह ट्रेन शालीमार से चेन्नई को जा रही थी और इसकी स्पीड 128 किमी प्रति घंटा थी। जया सिन्हा ने आगे कहा,”हम अभी भी रेलवे सुरक्षा आयुक्त की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। सिर्फ कोरोमंडल एक्सप्रेस हादसे का शिकार हुई।”
उन्होंने बताया,”मालगाड़ी पटरी से नहीं उतरी। चूंकि मालगाड़ी लौह अयस्क ले जा रही थी, इसलिए सबसे ज्यादा नुकसान कोरोमंडल एक्सप्रेस को हुआ। यह बड़ी संख्या में मौतों और चोटों का कारण है। कोरोमंडल एक्सप्रेस की पटरी से उतरी बोगियां डाउन लाइन पर आ गईं और यशवंतपुर एक्सप्रेस की आखिरी दो बोगियों से टकरा गईं, जो डाउन लाइन से 126 किमी/घंटा की गति से पार कर रही थी।”
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