कोरोना की चपेट मे कई देश हैं भारत में सबसे अधिक लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। ऐसे में सरकार लगातार लॉकडाउन में ढील देती जा रही है। कई राज्यों में मॉल,स्कूल आदि चीजे खुल चुकी है। कई राज्यों में स्कूल खोलने पर विचार किया जा रहा है। क्योंकि मौजूदा हालात में 62 लाख से अधिक लोग भारत में कोरोना से संक्रमित हैं। इस संक्रमण से बच्चों को बचाना बहुत अहम क्योंकि वे इस देश के आने वाले भविष्य हैं।
पर स्कूल खुल गया है तो उन्हें पढ़ने के लिए भेजना ही पड़ेगा। साथ ही पुरी सावधानी का ख्याल रखना होगा। बच्चे नाजुक फूल की तरह होते हैं, तो उनका ज्यादा ध्यान रखना होगा।
बच्चे जब-तक घर में हैं तब-तक आप उन्हें डांट कर समझा कर इस बीमारी से बचा सकती हैं पर वे अगर स्कूल जा रहे हैं तो उनका ख्याल कैसे रखना है और कोरोना के इस दौर में स्कूल के लिए कैसे तैयार करना है। जाने कुछ खास बातें।
सोशल डिस्टेसिंग का फार्मूला

बच्चे को स्कूल भेजते समय सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में जरूर बताए। उन्हें कैसे सोशल डिस्टेंस रखना है। इस बारे में टिप्स दे।
अपने प्यारे दोस्तों से बच्चे हाथ न मिलाए इस बात का खास ख्याल रखना होगा। समान को शेयर न करने दे।
हाथ को रखे साफ

इस समय कोरोना से लड़ने का एकमात्र मूलमंत्र सामने आया है वो हाथ धोना है। बच्चे को बताए कि दिन में 30 बार 20 सेकेण्ड हाथ धोना जरूरी है। साथ ही किसी वस्तू को हाथ लगा रहे हैं तो ध्यान से हाथ को धूले। समय-समय पर सैनिटाइजर का उपयोग करे।
मास्क पहना है जरूरी

बच्चे को स्कूल भेजते समय मास्क पहनाना न भूले। आपका लाड़ला जब घर आजाए तो मास्क को उतार कर बंद कूड़ेदान में डाल दे। हर दिन नया मास्क का प्रयोग करे। मास्क पहने से संक्रमण का खतरा कम ही रहता है।
जूठा खाने से बचे

दोस्तों के साथ लंच बॉक्स शेयर न करे इस का ख्याल आप को कोरोना काल तक रखना होगा। खाई हुई चीज को बच्चे को न खाने दे। लंच पैक करते समय सिल्वर पेपर का प्रयोग करे इससे किटाणू पास नहीं रहते हैं।
खांसते-छींकते समय रूमाल, कोहनी का करे प्रयोग

कोरोना से खुद तो बचना ही है साथ में सभी को बचाना है इसलिए खांसते-छींकते समय रूमाल,टीशू पेपर या कोहनी का प्रयोग करे इससे आप संक्रमण को बढ़ने से रोक सकते हैं साथ ही सुरक्षित भी रहेंगे।