उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों में हार-जीत का नतीजा तो 11 मार्च को ही साफ हो गया, लेकिन इस हार–जीत पर आरोप–प्रत्यारोप आए दिन एक–दूसरे पर लगाने का सिलसिला आज भी जारी है। इसी क्रम में चुनावों के समय से लगातार राजनीतिक गलियारों में छाई रहने वाली अपर्णा यादव ने भी अपनी हार ठीकरा ‘अपनों’ पर फोड़ा है। रविवार को समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव की चुनावों में मिली हार का दर्द आज जुबान पर अ गया। अर्पणा ने बीते विधानसभा चुनाव की बात करते हुए में अपनी हार के लिए बिना नाम लिए इशारों–इशारों में अखिलेश को जिम्मेदार ठहरा दिया।
प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव ने कहा कि ‘मुझे अपनों से चोट मिली है, अपनों से जब चोट लगती है तो घाव गंभीर होते है…कभी–कभी हार आपको बहुत कुछ सिखा जाती है।’ अपर्णा यहीं नहीं रूकी अपने राजनैतिक तानों में बेहद शायराना अंदाज के साथ उन्होंने आगे कहा, ‘कश्तियां वहां आकर डूब गई, जहां साहिल करीब था’। गौरतलब है कि अखिलेश चुनावों के दौरान अपर्णा के प्रचार में शामिल नहीं हुए थे।
इसी के साथ जब अपर्णा से EVM मामले को लेकर सवाल किया गया, तो अपर्णा ने साफ शब्दों में अपनी हार का दर्द बयां करते हुए कहा कि ‘मुझे EVM ने नहीं, अपनों ने हराया है’। बिना नाम लिए लगातार किए गए यह प्रहार अपर्णा यादव ने अपने जेठ अखिलेश यादव पर किये थे।
चुनावों से पहले सपा में पड़ी फूट हार के बाद भी बदस्तूर जारी है। अपनों के बीच दूरियां लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मुलायम का पारिवारिक कुनबा कैसे बचेगा और सपा के भविष्य का क्या होगा? यह तो आने वाले समय में पता लगेगा लेकिन यह तो तय है कि योगी के सीएम बनने के बाद अपर्णा का बार-बार उनसे मिलना और पार्टी-परिवार के विरोध में आज दिए बयान कुछ अलग ही संकेत दे रहे हैं। दूसरी तरफ सपा की अखिलेश द्वारा बुलाई गई बैठक में मुलायम शिवपाल का गायब होना भी बहुत कुछ बताने को काफी है।