4 चौके, 4 छक्के…15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, 18 गेंदों में जड़ा पहला अंतर्राष्ट्रीय अर्धशतक; सचिन समेत सभी का रिकॉर्ड टूटा

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भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने अपने छोटे से अंतरराष्ट्रीय करियर में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। हाल ही में टीम इंडिया के डेब्यू करने वाले इस खिलाड़ी ने महज 15 साल 118 दिन की उम्र में जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में तूफानी अर्धशतक लगाकर विश्व क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की पहली फिफ्टी रही, जिसे उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों में पूरा किया।

इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती तीन पारियों में बड़ी पारी खेलने से चूकने वाले वैभव ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने केवल 19 गेंदों में 50 रन बनाए और अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। इस दौरान वैभव के बल्ले से चार चौके और चार छक्के भी आए।

सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज बने

इस पारी के साथ वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने नेपाल के कुशल मल्ला का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 15 साल 340 दिन की उम्र में पहली इंटरनेशनल फिफ्टी लगाई थी। जबकि इस सूची में तीसरे स्थान पर जिब्राल्टर के लुईस ब्रूस हैं, जिन्होंने 16 साल 56 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला अर्धशतक जड़ा था।

आईसीसी की पूर्ण सदस्य (Full Member) टीमों की बात करें तो वैभव ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। सचिन ने 16 साल 213 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक लगाया था, जबकि पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी ने 16 साल 214 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।

भारत ने 14वें ओवर में ही जीत लिया मुकाबला

मैच में भारतीय हाल ही में कप्तान बने श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारतीय गेंदबाजों, खासकर मयंक यादव (2 विकेट) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 125 रन पर समेट दिया।

126 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (1 रन) का विकेट जल्दी गिर गया लेकिन, वैभव सूर्यवंशी ने तेजतर्रार अर्धशतकीय पारी खेलकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। इसके बाद ईशान किशन ने 35 रन और कप्तान अय्यर ने 28 रनों की संयमित पारी खेली और भारत ने 14वें ओवर में ही मुकाबला अपने नाम कर लिया। साथ ही यह बता दें कि आयरलैंड और इंग्लैंड से सीरीज हारने के बाद टी20 फॉर्मेट में कप्तान श्रेयस अय्यर की पहली जीत भी रही।

वैभव सूर्यवंशी की यह पारी भारतीय क्रिकेट के भविष्य की झलक मानी जा रही है। कम उम्र में उनका आत्मविश्वास, आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े मंच पर दबाव झेलने की क्षमता उन्हें आने वाले समय का बड़ा सितारा साबित कर सकती है।