डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बदलते दौर में शिक्षा व्यवस्था भी अब नई दिशा की ओर बढ़ रही है। इसी कड़ी में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज ने छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कॉलेज ने ग्लोबल फाउंडेशन फॉर मीडिया एंड इनोवेशन इंस्टीट्यूट (GFMI) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है, जो बालाजी फाउंडेशन की पहल है और इसमें APN News भी साझेदार है।
इस साझेदारी का उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ नई तकनीकों और उद्योग आधारित कौशल से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था और मीडिया जगत की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
AI और मीडिया शिक्षा का नया मॉडल
इस समझौते के तहत छात्रों के लिए ऐसे कोर्स तैयार किए जाएंगे, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मीडिया, डिजिटल कम्युनिकेशन और कंटेंट क्रिएशन जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किया जाएगा। इसके जरिए छात्रों को AI आधारित पत्रकारिता, डिजिटल ब्रांडिंग, OTT कंटेंट निर्माण, मीडिया टेक्नोलॉजी और रणनीतिक संचार जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बदलते मीडिया परिदृश्य में डिजिटल कौशल की बढ़ती मांग को देखते हुए इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अकादमिक पढ़ाई और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच मौजूद अंतर को कम करना है।
जुलाई 2026 से शुरू होंगे नए कोर्स
हंसराज कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर रमा ने इस अवसर पर कहा कि कॉलेज हमेशा से अकादमिक नवाचार और भविष्य केंद्रित शिक्षा को महत्व देता आया है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी छात्रों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें व्यावहारिक अनुभव और तकनीकी दक्षता भी प्रदान करेगी।
उन्होंने बताया कि AI इंटीग्रेटेड मीडिया और कम्युनिकेशन कोर्स जुलाई 2026 से शुरू किए जाएंगे।
देशभर के छात्रों को मिलेगा अवसर
इन पाठ्यक्रमों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रारूपों में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे देशभर के छात्रों को इन आधुनिक कोर्सों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
इस पहल से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों तक उद्योग आधारित शिक्षा पहुंचाना भी है।
मीडिया का भविष्य तकनीक और रचनात्मकता का संगम
एपीएन न्यूज (APN News) की एडिटर-इन-चीफ और बालाजी फाउंडेशन की चेयरपर्सन राजश्री राय ने कहा कि मीडिया का भविष्य तकनीक, रचनात्मकता और विश्वसनीय संचार के मेल पर आधारित होगा।
उन्होंने कहा कि यह साझेदारी छात्रों को AI और डिजिटल मीडिया से जुड़ी व्यावहारिक और उद्योग आधारित जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाली पीढ़ी के मीडिया पेशेवरों को नई दिशा मिलेगी।
सिर्फ पढ़ाई नहीं, करियर पर भी फोकस
यह प्रोग्राम केवल कक्षा आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। छात्रों को इंटर्नशिप, मेंटरशिप, लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स, करियर काउंसलिंग, प्लेसमेंट सहायता और शोध के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल भारत में AI आधारित मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत साबित हो सकता है। साथ ही यह इंडस्ट्री और शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग को भी मजबूत करेगा।








