AUS-W vs IND-W 2nd ODI: जॉर्जिया बनी भारत के लिए ‘विलेन’, कंगारुओं ने वीमेन इन ब्लू को 5 विकेट से हराकर सीरीज पर किया कब्जा

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AUS-W vs IND-W 2nd ODI Highlights: निंजा स्टेडियम में आज यानी शुक्रवार (27 फरवरी) को खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई और इस बार टीम इंडिया को 5 विकेट से मात दी। दरअसल, हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टॉस जीतकर टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 251 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में, 252 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान टीम ने 36 ओवर के भीतर 5 विकेट खोकर मुकाबला अपने नाम कर लिया और इसी के साथ 3 मैचों की सीरीज पर 2-0 से कब्जा जमा लिया। इस जीत की सबसे बड़ी नायिका रहीं जॉर्जिया वोल, जिन्होंने दबाव की घड़ी में शतक जड़कर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। वोल को इस शानदार पारी खेलने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से भी नवाजा गया.

वोल-लिचफील्ड की साझेदारी ने बदला मैच का मूड

ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भले ही कप्तान एलिसा हीली के जल्दी आउट होने से थोड़ी धीमी रही, लेकिन इसके बाद फीबी लिचफील्ड और जॉर्जिया वोल ने पारी को मजबूती से संभाला। लिचफील्ड ने 62 गेंदों पर 80 रनों की सधी हुई पारी खेली, जिसमें 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा। उन्होंने स्ट्राइक रोटेट करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।

दूसरी ओर जॉर्जिया वोल ने क्लास और आत्मविश्वास का शानदार मिश्रण दिखाया। उन्होंने 82 गेंदों पर 101 रन बनाए, जिसमें 13 चौके और एक छक्का शामिल रहा। वोल का यह शतक मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। उन्होंने मध्य ओवरों में स्पिन के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाकर रनगति को कभी गिरने नहीं दिया।

वोल और लिचफील्ड – दोनों ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के बीच 94 गेंदों में 119 रनों की साझेदारी हुई।

भारतीय गेंदबाजी रही बेअसर

भारत की ओर से कुछ मौकों पर विकेट जरूर मिले, लेकिन निरंतर दबाव बनाने में गेंदबाज नाकाम रहे। साझेदारियों को तोड़ने में देरी का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। जॉर्जिया वोल और लिचफील्ड के बीच हुई अहम साझेदारी ने मैच पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया की झोली में डाल दिया।

बेथ मूनी (31) और एश्ले गार्डनर (नाबाद 19) ने अंत में संयम से खेलते हुए लक्ष्य को आसानी से पार कराया। 36 ओवर में ही जीत दर्ज कर ऑस्ट्रेलिया ने न सिर्फ मुकाबला बल्कि सीरीज भी अपने नाम कर ली।

भारतीय बल्लेबाजों ने कैसा खेला?

टीम इंडिया की शुरुआत सतर्क रही, लेकिन प्रतिका रावल ने एक छोर संभालते हुए 81 गेंदों पर 52 रन बनाकर पारी को स्थिरता दी। स्मृति मंधाना ने 31 रनों का योगदान दिया, हालांकि वह बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सकीं।

मध्यक्रम में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 70 गेंदों पर 54 रन बनाए। उनकी पारी में संयम और अनुभव दोनों झलके, जिससे टीम मजबूत स्थिति में पहुंची। रिचा घोष ने 22 और अमनजोत कौर ने 13 रन जोड़कर स्कोर को आगे बढ़ाया।

अंतिम ओवरों में काश्वी गौतम (25) और क्रांति गौड़ (19) ने तेजी दिखाते हुए रनगति को बढ़ाया, जबकि वैष्णवी शर्मा ने अंत में 5 गेंदों पर 10 रन बनाकर उपयोगी योगदान दिया। हालांकि नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से भारत 270 के पार नहीं पहुंच सका। फिर भी 251 रन का स्कोर मुकाबले को रोचक बनाने के लिए पर्याप्त माना जा रहा था।

सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की पकड़

इस जीत के साथ कंगारू टीम ने दिखा दिया कि घरेलू परिस्थितियों में वह कितनी मजबूत है। बल्लेबाजी में गहराई और गेंदबाजी में विविधता ने उन्हें बढ़त दिलाई। भारत के लिए अब अगले मुकाबले में रणनीति और संयोजन पर नए सिरे से विचार करना जरूरी होगा।

टी20 सीरीज में भारत से 2-1 की हार झेलने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने वनडे में जोरदार वापसी करते हुए 2-0 से सीरीज अपने नाम कर ली है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि कंगारू टीम ने टीम इंडिया से पिछली हार का पूरा हिसाब बराबर कर लिया है। इस जीत से ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का आत्मविश्वास निश्चित तौर पर नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा और अब उनकी नजरें आखिरी वनडे में भारत को क्लीन स्वीप करने पर होंगी। वहीं दूसरी ओर, भारतीय टीम के लिए हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं—उन्हें न सिर्फ अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा, बल्कि अंतिम मुकाबले में जीत दर्ज कर सीरीज में सम्मान बचाने की भी बड़ी जिम्मेदारी होगी।