Pune Stampede: छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती पर महाराष्ट्र के जुन्नर तालुका स्थित ऐतिहासिक शिवनेरी किले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इसी दौरान अव्यवस्था और अत्यधिक भीड़ के चलते भगदड़ जैसे हालात बन गए, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग घायल हो गए। घायलों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में प्राथमिक उपचार दिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देर रात से ही श्रद्धालुओं का शिवनेरी पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह होते-होते भीड़ का दबाव कई गुना बढ़ गया। किले के भीतर अंबरखाना के नीचे स्थित हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजा जैसे संकरे मार्गों पर अचानक बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए, जिससे आवागमन बाधित हुआ और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, पर भीड़ के आगे इंतजाम कमजोर
पुणे पुलिस के जवानों ने हालात नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ अनुमान से अधिक होने के कारण व्यवस्थाएं चरमरा गईं। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इतने बड़े आयोजन के बावजूद पर्याप्त पुलिस बल और बैरिकेडिंग की व्यवस्था नहीं थी। संकरे रास्तों पर एकतरफा आवाजाही का स्पष्ट प्रबंधन न होने से दबाव बढ़ता गया और लोग फिसलकर गिरते चले गए।
अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है। साथ ही, भीड़ को चरणबद्ध तरीके से किले के भीतर प्रवेश देने और निकास मार्गों को अलग-अलग रखने की व्यवस्था की गई है।
हर साल उमड़ती है भीड़, फिर भी क्यों चूके इंतजाम?
शिवनेरी किला छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्मस्थान है और शिवजयंती पर यहां हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसके बावजूद इस बार भीड़ प्रबंधन को लेकर पर्याप्त पूर्व तैयारी न होने पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े आयोजनों के लिए पहले से विस्तृत रूट-मैप, पर्याप्त बैरिकेडिंग, मेडिकल सहायता केंद्र, आपात निकास (Emergency Exit) और प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की तैनाती जरूरी है।
आगे के लिए क्या सबक?
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐतिहासिक स्थलों पर बड़े धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान “कैपेसिटी मैनेजमेंट” (क्षमता निर्धारण) और “क्राउड फ्लो प्लान” अनिवार्य होना चाहिए। रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, ड्रोन निगरानी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के प्रभावी उपयोग से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
प्रशासन ने घटना की समीक्षा का आश्वासन दिया है। फिलहाल घायलों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे धैर्य रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं दोबारा न हों।









