सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव को यूपी STF ने किया गिरफ्तार, धमकी देने से लेकर जाति-सूचक शब्दों के आरोप; जानिए पूरा मामला

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में शुक्रवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और टीवी पैनलिस्ट मनोज यादव (Manoj Yadav) को बाराबंकी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी ऐसे वक्त हुई, जब पार्टी बीते दो दिनों से उनके “लापता” होने को लेकर चिंता जता रही थी और पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रही थी।

समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार सुबह अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट कर बताया था कि मनोज यादव गुरुवार रात से संपर्क में नहीं हैं, जो अत्यंत गंभीर विषय है। पार्टी की ओर से उनके सकुशल होने की कामना के साथ खोजबीन तेज करने की अपील की गई थी। इस बीच जानकारी सामने आई कि बाराबंकी के सफदरगंज थाने में दर्ज एक मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

बाराबंकी पुलिस के प्रेस नोट के अनुसार, 11 फरवरी को थाना सफदरगंज में धमकी देने और जाति-सूचक शब्दों के कथित इस्तेमाल से जुड़े आरोपों में एक मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी केस में 13 फरवरी को पुलिस ने अभियुक्त मनोज उर्फ बब्लू, निवासी ग्राम भगोलापुरवा, थाना सफदरगंज, जनपद बाराबंकी को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी से पहले यूपी एसटीएफ (Uttar Pradesh Special Task Force) की एक विशेष टीम ने मनोज यादव को सफदरगंज इलाके में पकड़ा। हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें बड़ागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां अनिवार्य मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें लखनऊ ले जाया गया और बाराबंकी कोर्ट में पेश करने की तैयारी की गई।

मनोज यादव के लापता होने को लेकर उनके परिजनों ने भी चिंता जताई थी। उनकी पत्नी ने लखनऊ के गोमतीनगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की प्रति पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल से साझा की गई, जिसमें पुलिस से तत्काल कार्रवाई और किसी भी अनहोनी की आशंका से बचाव की मांग की गई थी।

इस पूरे घटनाक्रम पर सियासी प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। समाजवादी पार्टी ने मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, वहीं पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी पूरी तरह से दर्ज मुकदमे और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।

फिलहाल, मनोज यादव की गिरफ्तारी ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है—एक ओर पार्टी “लापता” होने के मुद्दे पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी ओर पुलिस दर्ज आरोपों के आधार पर कार्रवाई को सही ठहरा रही है। आगे की तस्वीर अदालत की कार्यवाही के बाद और स्पष्ट होगी।