आटे के रिफाइंड रूप को मैदा कहा जाता है

मैदा बनाने के लिए आटे को कई बार बारीक और महीन पीसा जाता है

पिज्जा, बर्गर, मोमोज, बिस्किट आदि  बनाने के लिए भी मैदे का प्रयोग किया जाता है

जो कहीं ना कहीं हमारी सेहत को बुरी तरह प्रभावित करते हैं

मैदा खाने से ब्‍लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है

जिसकी वजह से खून में ग्‍लूकोज जमने लगता है

जो शरीर में केमिकल रिएक्‍शन्स को पैदा करता है

जिससे कैटरैक्‍ट से ले कर गठिया और हार्ट की बीमारियां होने का खतरा होता है

मैदे आटे से बनाया जाता है लेकिन, मैदा बनाने के प्रोसेस में आटे का सारा प्रोटीन नष्ट हो जाता है

जिसकी वजह से ये एसिडिक बन जाता है

जो हड्डियों से कैल्‍शियम को खींचकर हड्डियों को कमजोर करने का काम करता है

मैदा खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है

मैदा खाने से ब्लड में ट्राइग्लीसराइड का स्तर भी बढ़ने लगता है

मैदे को 'ग्लू ऑफ़ द गट' भी कहा गया है

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