Project Cheetah: एमपी के कूनो नेशनल पार्क में बोले पीएम मोदी- ‘चीता हमारे मेहमान, नई जगह से अनजान’

Project Cheetah: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 72वां जन्मदिन है। इस मौके पर पीएम मोदी ने नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को एमपी के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ दिया है।

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चीतों की तस्वीर लेते पीएम मोदी
चीतों की तस्वीर लेते पीएम मोदी

Project Cheetah: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 72वां जन्मदिन है। इस मौके पर पीएम मोदी ने नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को एमपी के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ दिया है। इन चीतों को नामीबिया से प्रोजेक्ट चीता (Project Cheetah) के तहत भारत एक विशेष कार्गो विमान से लाया गया। इन चीतों के आते ही लगभग 70 साल से भारत की धरती पर विलुप्त घोषित हुए चीतों को अब फिर से यहां अस्तित्व में लाने की कोशिश हुई है। बता दें कि पीएम द्वारा छोड़े गए इन चीतों को एक महीने तक क्वारंटाइन में रखा जाएगा। क्वारंटाइन का समय खत्म होते ही इन चीतों को संरक्षित क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।

Project Cheetah: पीएम ने कूनो नेशनल पार्क में चीतों को छोड़ा
Project Cheetah: पीएम ने कूनो नेशनल पार्क में चीतों को छोड़ा

Project Cheetah: चीतों को छोड़ पीएम ने ली उनकी तस्वीर

नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें मध्य प्रदेश के ग्वालियर के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ दिया है। इस दौरान पीएम ने बाड़े में छोड़े गए चीतों की कैमरे से तस्वीर भी ली। मालूम हो कि पीएम मोदी बहुत पहले से ही फोटोग्राफी के शौकीन रहे हैं। पीएम चीतों को छोड़ने के लिए सीढ़ी के माध्यम से एक उच्चे बनाए गए स्थान पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने पिंजरे में बंद चीतों के गेट को मशीन द्वारा खोला, जिसके बाद चीते पिंजरे से बाहर क्वारंटाइन बाड़े में निकलकर घुमते हुए नजर आए। मौके पर पीएम के साथ एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी मौजूद रहे।

आज भारत की धरती पर चीते लौट आए हैं- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि मानवता के सामने ऐसे अवसर बहुत कम आते हैं, जब समय का चक्र हमें अतीत को सुधारकर नये भविष्य के निर्माण का मौका देता है। आज सौभाग्य से हमारे सामने एक ऐसा ही क्षण है। दशकों पहले जैव-विविधता की सदियों पुरानी जो कड़ी टूट गई थी, विलुप्त हो गई थी, आज हमें उसे फिर से जोड़ने का मौका मिला है। आज भारत की धरती पर चीते लौट आए हैं। मैं ये भी कहूंगा कि इन चीतों के साथ ही भारत की प्रकृतिप्रेमी चेतना भी पूरी शक्ति से जागृत हो उठी है।

इसके साथ ही पीएम ने नामीबिया और वहां की सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि नामीबिया के सहयोग से दशकों बाद चीते भारत की धरती पर वापस लौटे हैं। पीएम ने कहा, मुझे विश्वास है कि ये चीतें ना केवल प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का बोध कराएंगे बल्कि हमारे मानवीय मूल्यों और परंपराओं से भी अवगत कराएंगे।

देश नई उर्जा के साथ चीतों के पुनर्वास के लिए जुटा- मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि ये दुर्भाग्य रहा कि हमने 1952 में चीतों को देश से विलुप्त तो घोषित कर दिया, लेकिन उनके पुनर्वास के लिए दशकों तक कोई सार्थक प्रयास नहीं हुआ। आज आजादी के अमृतकाल में अब देश नई ऊर्जा के साथ चीतों के पुनर्वास के लिए जुट गया है। उन्होंने कहा कि कुनो नेशनल पार्क में जब चीता फिर से दौड़ेंगे, तो यहां का ग्रासलैंड इकोसिस्टम फिर से बहाल होगा, जैव विविधता और बढ़ेगी। आने वाले दिनों में यहां पर्यावरण पर्यटन भी बढ़ेगा। यहां विकास की नई संभावनाएं जन्म लेंगी।

चीतों को देखने के लिए करना होगा कुछ महीनों इंतजार- पीएम

पीएम मोदी ने कहा कि कुनो नेशनल पार्क में इन चीतों को देखने के लिए लोगों को धैर्य दिखाना होगा और कुछ महीनों तक इंतजार करना होगा। आज ये चीते मेहमान बनकर आए हैं। कुनो राष्ट्रीय उद्यान को अपना घर बनाने में सक्षम होने के लिए हमें इन चीतों को कुछ महीने का समय देना होगा। पीएम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइन्स पर चलते भारत इन चीतों को बसाने की पूरी कोशिश कर रहा है। हमें अपने प्रयासों को विफल नहीं होने देना है।
उन्होंने कहा कि आज 21वीं सदी का भारत, पूरी दुनिया को संदेश दे रहा है कि अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकीय कोई विरोधाभाषी क्षेत्र नहीं है। पर्यावरण की रक्षा के साथ ही देश की प्रगति भी हो सकती है, ये भारत ने दुनिया को करके दिखाया है।

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