क्या मुलायम और एसएम कृष्णा को पद्म पुरस्कार देकर 2024 चुनाव को साध रही है BJP?

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Padma Awards 2023
Padma Awards 2023

Padma Awards 2023: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने कहा कि यह पुरस्कार मुलायम सिंह यादव द्वारा आम लोगों, दबे-कुचले लोगों और किसानों के लिए किए गए कार्यों के सम्मान में है। बता दें कि केंद्र सरकार ने जो पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है। उनमें कई बड़े हस्तियों के नाम शामिल हैं। इन बड़े नामों में एक नाम कर्नाटक के नेता एसएम कृष्णा भी हैं। दरअसल, कर्नाटक में इस साल विधानसभा चुनाव और यूपी में निकाय चुनाव के साथ ही अगले साल होने जा रहे लोकसभा चुनावों से पहले इन दोनों नेताओं को लिस्ट में शामिल करके सरकार ने कहीं न कहीं एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है।

वोट बैंक साधने की कोशिश!

गौरतलब है कि कांग्रेस गठबंधन में विदेश मंत्री रह चुके कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस एम कृष्णा कांग्रेस छोड़ने के बाद भाजपा में शामिल हो गए थे। एस एम कृष्णा चुनावी राज्य कर्नाटक में शक्तिशाली वोक्कालिगा समुदाय के नेता हैं, जबकि मुलायम ओबीसी के नेता रहे हैं, जिन्हें बीजेपी लोकसभा चुनाव में लुभाने की कोशिश में लगी है। वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ओबीसी जाति से ही आते हैं। लेकिन बीजेपी ने ये दाव अखिलेश को ध्यान में रखकर खेला है ताकि राज्य के ओबीसी वोटर 2024 आम चुनाव में बीजेपी के पाले में वोट करे।

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Padma Awards 2023

कौन हैं एसएम कृष्णा?

एसएम कृष्णा ने 2004 से 2008 तक महाराष्ट्र के 19वें राज्यपाल और 2009 से अक्टूबर 2012 तक विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया है। वह मार्च 2017 में कांग्रेस छोड़ने के बाद भाजपा में शामिल हो गए। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा, जिन्होंने इस महीने की शुरुआत में सक्रिय राजनीति से अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की थी, को दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। अनुभवी नेता, जो प्रमुख वोक्कालिगा समुदाय से हैं पद्म विभूषण देकर राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले वोक्कालिगा समुदाय को लुभाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

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